

SBI Bank Robbery Nagpur Reason Update: नागपुर के सक्करदरा इलाके में स्थित SBI की शाखा में हुई दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल लूट की खबर सामने आई थी। इस वारदात में एक सिरफिरे युवक ने बैंक कर्मचारियों की आंखों में तीखा लाल मिर्च पाउडर झोंककर लाखों रुपये की नकदी लूट ली थी। अब इस सनसनीखेज डकैती के पीछे का मुख्य कारण पुलिस की पूछताछ में सामने आ चुका है।
सक्करदरा पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस वारदात के पीछे शेयर बाजार में हुआ भारी नुकसान और कर्ज का बोझ था। आरोपी सूरज भोजराज बोरकर जो कि नागपुर जिले की भिवापुर तहसील के तातोली गांव का रहने वाला है, उसने B.Sc. की पढ़ाई पूरी की है। वह पेशे से एक MR के तौर पर कार्यरत था।
सूरज को शेयर बाजार में पैसे निवेश करने का चस्का था। लगातार शेयर बाजार में पैसे डूबने के कारण वह भारी कर्ज के जाल में फंस गया। उस पर निजी कर्जदारों के साथ-साथ बैंक का भी कर्ज चढ़ गया था, जिससे उस पर कुल मिलाकर लगभग 5 लाख रुपये का कर्ज हो गया था।
बैंक और कर्जदाता लगातार उससे पैसों की वसूली के लिए दबाव बना रहे थे। कर्ज के इस चौतरफा दबाव और तगादे से तंग आकर तथा जल्द पैसा कमाकर कर्ज चुकाने की चाह में उसने बैंक लूटने की खौफनाक साजिश रची।
कर्ज चुकाने के इरादे से आरोपी सूरज बोरकर ने बाकायदा योजना बनाई। उसने एक दुकान से लाल मिर्च पाउडर खरीदा और गुरुवार शाम भांडेप्लाॉट चौक स्थित चौधरी अस्पताल के सामने SBI की सक्करदरा शाखा में एक आम ग्राहक बनकर घुसा।
उस वक्त बैंक में दो महिला और तीन पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। मौका मिलते ही आरोपी ने कर्मचारियों के चेहरे और आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। तीखी जलन के कारण कर्मचारियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी काउंटर से 4 लाख 53 हजार रुपये की रोख राशि समेटकर फरार हो गया।
बैंक में दिनदहाड़े हुई इस डकैती की सूचना मिलते ही सक्करदरा पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस निरीक्षक रमेश खुणे के नेतृत्व में बीट मार्शल और पुलिस दस्तों ने तुरंत बैंक के CCTV फुटेज खंगाले और शहर भर में नाकाबंदी कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि वारदात के महज 30 मिनट के भीतर सूर्योदय अस्पताल के पीछे एनआईटी सोसाइटी से आरोपी सूरज बोरकर को दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटी गई पूरी 4.53 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है और मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक महेश पांडे कर रहे हैं।