नासिक में सिद्ध पत्थर का झांसा देकर लाखों की ठगी, अशोक खरात फिर पहुंचा जेल! कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा

Nashik Fake Gem Scam: व्यापार बढ़ाने का झांसा देकर सोने की अंगूठियां और ढाई लाख रुपए लेने के आरोप में अशोक खरात को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने दोबारा हिरासत नहीं मांगी।
Nashik Ashok Kharat Business Fraud Case
ठग अशोक खरातसोर्स: सोशल मीडिया
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Nashik Ashok Kharat Business Fraud Case: व्यापार में भारी बढ़ोतरी का झांसा देकर नेवासा के व्यापारी से सोने की अंगूठियां और करीब ढाई लाख रुपए लेने तथा कथित रूप से नकली पत्थर वाली अंगूठी देने के मामले में आरोपी अशोक खरात को न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत

व्यापार में भारी बढ़ोतरी का झांसा देकर व्यापारी से सोने की अंगूठियां और करीब ढाई लाख रुपए नकद लेने तथा बदले में कथित रूप से नकली पत्थर जड़ी अंगूठी देने के मामले में आरोपी अशोक खरात को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। पांच दिन की पिछली पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद हुई पेशी में पुलिस ने इस बार आरोपी की दोबारा हिरासत की मांग नहीं की। इसके बाद न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मामले में नेवासा के कपड़ा व्यापारी राजेंद्र भागवत ने सरकारवाड़ा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, खरात ने उन्हें व्यापार में बड़ी बढ़ोतरी होने का लालच दिया था।

सोने की अंगूठियां और नकदी लेने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद खरात ने भागवत से सोने की अंगूठियां और करीब ढाई लाख रुपए नकद लिए। बाद में उसे एक अंगूठी दी गई और इसे कथित तौर पर सिद्ध पत्थर वाली अंगूठी बताया गया।

भागवत को अंगूठी पर संदेह होने के बाद उन्होंने उसकी जांच कराई। शिकायत के अनुसार, जांच में अंगूठी में लगा पत्थर नकली और अंगूठी धातु की होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

दो बार पुलिस हिरासत में रह चुका आरोपी

मामले की जांच के दौरान अशोक खरात को इससे पहले भी दो बार पुलिस हिरासत में भेजा जा चुका है। पांच दिन की पिछली पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे फिर न्यायालय के समक्ष पेश किया।

इस बार पुलिस की ओर से आरोपी की हिरासत बढ़ाने की मांग नहीं की गई। आरोपी के वकील ने न्यायालय में दावा किया कि पिछली दोनों पुलिस हिरासत के दौरान आवश्यक पूछताछ पूरी हो चुकी है।

इन दलीलों और पुलिस की ओर से दोबारा हिरासत नहीं मांगे जाने के बाद न्यायालय ने अशोक खरात को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

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आगे की जांच जारी

अब आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले की पुलिस जांच आगे जारी रहेगी। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ कथित नकली अंगूठी, लेनदेन और व्यापारी से संबंधित अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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