Hotel Food Safety Action In Sambhajinagar: ग्राहकों के स्वास्थ्य से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राजभोग होटल और मराठा होटल के खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
सुरक्षित भोजन, सुरक्षित महाराष्ट्र अभियान के अंतर्गत की गई जांच में दोनों होटलों में अस्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ। यह जानकारी खाद्य व औषधी प्रशासन विभाग के सहाय्यक आयुक्त श्रीकांत करकले ने दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पी. एस. कुचेकर ने 7 अक्टूबर को दोनों होटलों का अचानक निरीक्षण किया था।
वडगांव कोल्हाटी स्थित राजभोग होटल को 88 में से केवल 18 अंक यानी 21 प्रतिशत मिले। वहीं, बजाजनगर (वालूज) स्थित मराठा होटल को 98 में से 33 अंक यानी 34 प्रतिशत प्राप्त हुए। दोनों प्रतिष्ठानों की जांच में नियमों का पालन नहीं होने का निष्कर्ष दर्ज किया गया।
छत्रपति संभाजीनगर के राजभोग होटल की रसोई में अत्यधिक गंदगी, खराब फर्श और कीटों को रोकने की व्यवस्था का अभाव मिला। भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।
कच्चे और पके हुए भोजन के साथ शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी। शीतकरण और हवा के आवागमन की सुविधाएं भी अपर्याप्त थीं। मराठा होटल में बर्तन और प्लेटें धोने के अत्यंत अस्वच्छ स्थान पर ग्राहकों के लिए रोटियां बनाई जा रही थीं।
नालियों में तिलचट्टे, खुली कचरा पेटी और भोजन के सुरक्षित भंडारण की अपर्याप्त व्यवस्था मिली। कच्चे और पके भोजन को उचित तापमान पर नहीं रखने से खाद्य पदार्थ दूषित होने का खतरा पाया गया। सुरक्षित पानी और खाद्य जांच से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं थे।
सहायक आयुक्त (खाद्य) द. वि. पाटील के आदेश पर दोनों होटलों में भोजन बनाने, भंडारण, बिक्री और परोसने का काम बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी खामियां दूर करने, दोबारा निरीक्षण कराने और लिखित अनुमति मिलने के बाद ही होटल फिर से शुरू किए जा सकेंगे।
संयुक्त आयुक्त श्रीकांत करकले ने खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।