

Chhatrapati Sambhajinagar Cyber Crime Case: पैसे की वसूली के लिए धमकी, गाली-गलौज और गुंडों का सहारा लेने के मामले तो सामने आते रहे हैं, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर में वसूली का एक ऐसा तरीका सामने आया है, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल कर पीड़ित के मोबाइल पर लगातार कॉल किए गए।
एक व्यक्ति के मोबाइल पर हर दो मिनट के अंतराल से स्वचालित कॉल आने लगीं। लगातार कॉल के कारण उसका मोबाइल इस्तेमाल करना तक मुश्किल हो गया। साइबर पुलिस ने इस मामले में संबंधित एप कंपनी के मालिक और संचालकों के साथ एप का इस्तेमाल करने वाले कैलास पवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बीड बायपास क्षेत्र निवासी अर्जुन पवार (44) का सुंदरवाड़ी निवासी कैलास पवार के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद था। पुलिस के अनुसार, पैसे वसूलने के लिए कैलास ने गूगल प्ले स्टोर से ‘लेग-ऐन’ एप की सदस्यता ली। इसके बाद फरवरी में अर्जुन के मोबाइल पर निश्चित अंतराल से लगातार स्वचालित कॉल आने लगीं। परेशान होकर अर्जुन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने कॉल के स्रोत का पता लगाया। यह एप ग्रेट माइंड फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड का होने की जानकारी सामने आई। ऑनलाइन भुगतान के बाद ग्राहकों को ग्रेटमाइंड लॉस्युट वेंचर्स के नाम से रसीद दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई। पुलिस ने कंपनी का कोटक महिंद्रा बैंक स्थित खाता के व्यवहारों पर रोक लगा दी थी।
एप से किए गए कॉल में सामने वाले व्यक्ति को कॉल करने वाला नंबर दिखाई नहीं देता था। पुलिस को इंटरनेट कॉल को स्थानीय दूरसंचार कॉल में बदलने के अवैध तरीके के इस्तेमाल का संदेह है। इसकी भी जांच की जा रही है।
7 अक्टूबर को सूचना प्रौद्योगिकी कानून, भारतीय न्याय संहिता और नए दूरसंचार कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच पुलिस निरीक्षक गजानन कल्याणकर कर रहे हैं।
लगातार कॉल कर किसी व्यक्ति को मोबाइल इस्तेमाल करने से रोकना साइबर सुरक्षा की भाषा में ‘डिनायल ऑफ सर्विस’ जैसी गतिविधि मानी जाती है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कॉल की बमबारी के माध्यम से मोबाइल सेवा को बाधित करने का प्रयास किया गया।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने नागरिकों से अनधिकृत एप डाउनलोड न करने की अपील की है। लगातार अनजान कॉल आने पर समय, नंबर और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर या सरकारी साइबर अपराध पोर्टल पर की जा सकती है।