सांसद संदीपान भुमरे ने केंद्रीय रेलमंत्री को दो पन्नों का पत्र लिखा।
छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग।
16 डिब्बों वाली पिटलाइन का CAMTECH डिजाइन के अनुसार थर्ड पार्टी परीक्षण कराने का आग्रह।
निर्माण की गुणवत्ता, निविदा शर्तों और खर्च की गई राशि की जांच की मांग।
Railway Station Redevelopment: छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों में हो रही देरी और 16 डिब्बों वाली पिटलाइन का काम लंबित रहने को लेकर सांसद संदीपान भुमरे ने केंद्रीय रेलमंत्री का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने तथा सीएएमटेक (CAMTECH) डिजाइन के अनुसार बनाई जा रही 16 डिब्बों वाली पिटलाइन का तीसरे पक्ष से तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शिवाजीनगर भूमिगत मार्ग पर जलभराव और रोटेगांव, परसोडा तथा करंजगांव रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है।
सांसद भुमरे ने रेलमंत्री को लिखे दो पन्नों के पत्र में इन समस्याओं का उल्लेख करते हुए लंबित कार्यों की समीक्षा करने, उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा पर्याप्त धन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद छत्रपति संभाजीनगर सहित मराठवाड़ा में कई कार्य अपेक्षित गति से पूरे नहीं हो रहे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही सीएएमटेक डिजाइन की 16 डिब्बों वाली पिटलाइन का काम लंबित होने पर सांसद ने चिंता जताई है। उन्होंने इसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
परीक्षण के दौरान स्वीकृत डिजाइन, निर्धारित तकनीकी मानकों, निविदा की शर्तों, निर्माण की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि की जांच की जाए। किसी प्रकार की खामी अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
सांसद ने पत्र में कहा है कि रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए पहले भी संबंधित अधिकारियों को कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद कई काम लंबित हैं। ऐसे में प्रत्येक कार्य की वर्तमान स्थिति, देरी के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदारों की भूमिका की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों के लिए निश्चित समयसीमा तय करने की मांग की है।
शिवाजीनगर भूमिगत मार्ग पर वर्षा के दौरान पानी जमा होने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने का मुद्दा भी सांसद ने उठाया है।
उन्होंने जलनिकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कर पानी जमा होने के कारणों का पता लगाने और प्रभावी उपाय करने की मांग की है, ताकि वर्षा के समय नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
सांसद भुमरे ने रोटेगांव, परसोडा और करंजगांव रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का आग्रह किया है।
उन्होंने इन स्टेशनों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और कमियों को दूर करने पर जोर दिया है। इसके अलावा दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों के लिए सुविधाएं बेहतर बनाने, स्वच्छता, पेयजल, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता भी बताई है।
सांसद ने रेलमंत्री से आग्रह किया है कि रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों और पिटलाइन की स्वतंत्र तकनीकी जांच के निर्देश दिए जाएं।
जांच में निर्माण संबंधी खामियां, स्वीकृत डिजाइन का उल्लंघन अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने मराठवाड़ा में रेलवे विकास को गति देने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने की मांग की है।