छत्रपति संभाजीनगर होगा मुंबई की तर्ज पर होर्डिंगमुक्त: सिडको पुल हादसे के बाद महापौर का बड़ा फैसला

Mayor Samir Rajurkar: सिडको पुल पर होर्डिंग हादसे के बाद महापौर समीर राजूरकर ने शहर को होर्डिंगमुक्त बनाने की सख्त अपील की है। अनधिकृत फ्लेक्स हटाए जाएंगे और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होगा।
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महापौर समीर राजूरकर सोर्स- नवभारत
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Highlights

  • महापौर समीर राजूरकर ने शहर को होर्डिंगमुक्त बनाने की पहल की।

  • सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक होर्डिंग और विज्ञापन फलक नहीं लगाने की अपील।

  • सिडको पुल पर कार्यक्रम के लिए लगाया गया होर्डिंग गिरने से एक व्यक्ति घायल हुआ।

  • महापौर ने 22 फरवरी को भी अनधिकृत होर्डिंग हटाने की बात कही थी।

Chhatrapati Sambhajinagar Hoarding Free: छत्रपति संभाजीनगर शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से महापौर समीर राजूरकर ने सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग और विज्ञापन फलक नहीं लगाने की अपील की है।

मुंबई की तर्ज पर छत्रपति संभाजीनगर को भी होर्डिंगमुक्त बनाने की उनकी पहल है। जयंती, उत्सव और विभिन्न कार्यक्रमों के अवसर पर सड़कों तथा चौराहों पर फलक लगाने से बचने का आह्वान करते हुए महापौर ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत होर्डिंग हटाए जाएंगे।

शहर की सुंदरता के साथ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की इस भूमिका के बीच होर्डिंग लगाने को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सिडको पुल की घटना से सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में

शहर के विभिन्न मार्गों, चौराहों और पुलों के आसपास बड़े-बड़े होर्डिंग तथा बिजली के खंभों पर विज्ञापन फलक दिखाई देते हैं। लगभग 20 गुणा 40 फुट आकार के विशाल होर्डिंग भी कई स्थानों पर लगाए जाते हैं। इनके साथ ही जयंती, उत्सव और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के अवसर पर फ्लेक्स लगाने की परंपरा भी प्रचलित है।

हाल ही में सिडको पुल पर एक कार्यक्रम के लिए लगाया गया होर्डिंग गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया। इस घटना ने सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाने वाले फलक की सुरक्षा के महत्व को फिर सामने ला दिया है।

तेज हवा अथवा कमजोर ढांचे के कारण होर्डिंग गिरने की आशंका रहती है। ऐसे में फलक लगाते समय सुरक्षा मानकों का पालन करना और उनकी मजबूती सुनिश्चित करना आवश्यक है।

22 फरवरी को भी स्पष्ट किया था अपना रुख

महापौर समीर राजूरकर ने 22 फरवरी को होर्डिंग के विषय पर सख्त भूमिका अपनाई थी। उन्होंने कहा था कि शहर में अनधिकृत होर्डिंग स्वीकार नहीं किए जाएंगे और उन्हें हटाया जाएगा।

नियमानुसार अनुमति प्राप्त होर्डिंग के संबंध में नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। महापौर ने अपनी इसी भूमिका को दोहराते हुए सार्वजनिक स्थानों पर फलक लगाने से बचने की अपील की है।

उनका मानना है कि शहर को होर्डिंगमुक्त बनाने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को भी इसमें सहयोग करना होगा। यदि सभी मिलकर सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक फलक लगाने से बचें, तो शहर की सुंदरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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जयंती और उत्सवों पर विशेष संयम की अपील

शहर में विभिन्न महापुरुषों की जयंती, धार्मिक उत्सवों और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में फलक लगाए जाते हैं।

महापौर ने सार्वजनिक मंच से भी अपील की थी कि ऐसे अवसरों पर सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग लगाने से बचा जाए। कार्यक्रमों के प्रति उत्साह व्यक्त करने के अन्य तरीके अपनाकर भी शहर की सुंदरता और व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है।

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सुंदरता के साथ सुरक्षा भी प्राथमिकता

शहर को होर्डिंगमुक्त बनाने की पहल में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। अनधिकृत होर्डिंग हटाने के साथ उनकी सुरक्षित स्थापना और नियमित जांच पर ध्यान देना भी जरूरी है। अनुमति प्राप्त होर्डिंगों की मजबूती तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने से दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।

महापौर की अपील का उद्देश्य शहर में ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता बनी रहे और नागरिकों की सुरक्षा से भी समझौता न हो। अब राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के सहयोग से इस पहल को कितना व्यापक समर्थन मिलता है, इस पर शहरवासियों की निगाहें रहेंगी।