Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: गणेशोत्सव को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने के लिए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने इस वर्ष व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है।
‘हमारे बप्पा स्वच्छता के राजा’ अभियान के दूसरे वर्ष में महानगरपालिका की ओर से शहर के विभिन्न गणेश मंडलों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और बस्तियों में अलग-अलग माध्यमों से स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जा रहा है। दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान अब तक 50 से अधिक गणेश मंडलों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
वहीं, पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव अभियान में 350 से अधिक सार्वजनिक गणेश मंडलों ने सहभागिता दर्ज कराई है। महापौर समीर राजूरकर और मनपा आयुक्त अमोल येडगे के मार्गदर्शन में तथा उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे के नियोजन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग की ओर से यह अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान बढ़ने वाले कचरे को नियंत्रित करने के साथ नागरिकों में कचरा अलग-अलग रखने, प्लास्टिक से बचने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
अभियान की सबसे खास पहल नुक्कड़ नाटक के साथ संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देना है। शहर के विभिन्न गणेश मंडलों के सामने कलाकार लोकप्रिय गीतों की धुनों का उपयोग करते हुए स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव से जुड़े संदेश प्रस्तुत कर रहे हैं।
मनोरंजन के साथ संदेश देने के कारण इन कार्यक्रमों को नागरिकों और विशेष रूप से युवाओं की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। ताल वाद्यों और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों में यह समझाया जा रहा है कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखना क्यों जरूरी है, कचरा सड़क पर नहीं डालना चाहिए और निर्माल्य को सामान्य कचरे से अलग रखना चाहिए।
गणेशोत्सव के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में गणेश मंडलों के सामने नियमित रूप से नुक्कड़ नाटक और संगीत आधारित संदेश प्रस्तुत किए जा रहे हैं। अब तक 50 से अधिक गणेश मंडलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
इन कार्यक्रमों में नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कचरा निर्धारित स्थान पर देने, गीले और सूखे कचरे को अलग रखने तथा निर्माल्य अलग से जमा करने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
महानगरपालिका ने जनजागरूकता अभियान को केवल गणेश मंडलों तक सीमित नहीं रखा है। स्वच्छता रथ के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों में दिनभर स्वच्छता संबंधी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। प्रमुख विद्यालयों, महाविद्यालयों, बस्तियों, चौराहों, बाजारों और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में स्वच्छता रथ पहुंच रहा है।
ध्वनिक्षेपक के माध्यम से नागरिकों को कचरा अलग-अलग रखने, उचित स्थान पर कचरा देने, निर्माल्य अलग से जमा करने और प्लास्टिक का उपयोग रोकने की अपील की जा रही है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए ‘स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है’ का संदेश दिया जा रहा है। बस्तियों में नागरिकों से सीधे संवाद कर कचरा संग्रहण और पृथक्करण की जानकारी दी जा रही है।
महानगरपालिका की ओर से इस वर्ष पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अब तक 350 से अधिक सार्वजनिक गणेश मंडलों ने अभियान में सहभागिता दर्ज कराई है। सहभागी मंडलों को सहभागिता चिह्न और प्रमाणपत्र भी दिए गए हैं।
अब अंतिम चरण में मनपा अधिकारियों, पत्रकारों और विशेषज्ञों की टीम विभिन्न गणेश मंडलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर मूल्यांकन करेगी। पर्यावरण अनुकूल सजावट, मिट्टी की गणेश प्रतिमा, प्राकृतिक एवं पारंपरिक सामग्री का उपयोग, प्लास्टिक और थर्मोकोल से परहेज तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले मंडलों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। उत्कृष्ट पर्यावरण अनुकूल सजावट और पर्यावरण संरक्षण के साथ गणेशोत्सव आयोजित करने वाले मंडलों का चयन कर उन्हें पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
महानगरपालिका का प्रयास है कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि यह स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला उत्सव भी बने। इसी उद्देश्य से पारंपरिक जनजागरूकता के साथ संगीत, नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता रथ और अन्य रचनात्मक माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
महानगरपालिका ने नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने, गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, निर्माल्य अलग से देने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण अनुकूल तरीके से गणेशोत्सव मनाने की अपील की है। नागरिकों के सहयोग से ‘स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल छत्रपति संभाजीनगर’ के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया गया है।