ch.sambhajinagar Agricultural Produce Market Committee: छत्रपति संभाजीनगर की जाधववाड़ी कृषि उपज बाजार समिति में कथित अनियमितताओं की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
पणन निदेशक संजय कदम ने समिति को 60 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। शिकायत में प्लॉट बिक्री, लीज डीड और बिना अनुमति निर्माण सहित कई आरोप लगाए गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर जाधववाड़ी स्थित कृषि उपज बाजार समिति में संशोधित विकास प्रारूप को मनपा की अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद कथित तौर पर प्लॉटों की बिक्री, लीज डीड और बिना अनुमति निर्माण किए जाने की शिकायत की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पणन निदेशक संजय कदम ने गहन जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
जांच समिति में विभागीय सहनिबंधक संतोष बिडवई, जिला विशेष लेखापरीक्षक वर्ग-1 जालना के शिरीष कुलकर्णी, सहायक निबंधक परमेश्वर वरखड़े, सहकार अधिकारी श्रेणी-2 शुभम दखणे और निम्न श्रेणी लघुलेखक कुमार जाधव को शामिल किया गया है।
समिति को 60 दिनों के भीतर गहन जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बाजार समिति के सभापति और सचिव को जांच अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज, रिकॉर्ड और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर में जांच शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यह शिकायत पार्षद मोहम्मद असरार ने की थी। शिकायत में बाजार समिति के सभापति और सचिव पर विभिन्न स्थानों पर पार्किंग, सड़क और नाले के लिए आरक्षित जगह पर कथित तौर पर प्लॉट तैयार कर उनकी बिक्री करने तथा बिना अनुमति निर्माण कराने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के संबंध में सहकार एवं पणन विभाग के प्रधान सचिव ने कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। वहीं मनपा के नगररचना विभाग की ओर से पत्र देकर पार्किंग भूखंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा कथित अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
शिकायत में 18 मीटर सड़क और पेट्रोल पंप से संबंधित कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सर्वे नंबर 8 से जुड़ा मामला वर्ष 2001 से न्यायालय में लंबित होने का उल्लेख किया गया है। सर्वे नंबर 16, 16/1 और 136 में स्मार्ट बस स्टैंड बनाए जाने की जानकारी भी शिकायत में दी गई है।
फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के आवागमन के लिए आरक्षित सड़क की जमीन बेचने का आरोप भी लगाया गया है। पूर्व में तहसील उपनिबंधक की ओर से की गई जांच और रिपोर्ट का हवाला देते हुए पणन संचालक की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। जिला उपनिबंधक की कार्रवाई पर भी शिकायतकर्ता ने आपत्ति दर्ज की है।