

Sambhajinagar Police Honorarium Direct Bank Payment: ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले पुलिस पाटिलों को मानदेय के लिए होने वाली भागदौड़ से अब राहत मिली है। छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव की पहल पर 23 पुलिस थानों की सीमा में कार्यरत 598 पात्र पुलिस पाटिलों का मानदेय पहली बार सीधे उनके पंजीकृत बैंक खातों में जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
बैंक सीएमपी प्रणाली के माध्यम से किए गए इस भुगतान से मानदेय वितरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज हुई है। पहले मानदेय मिलने में 20 से 25 दिन या उससे अधिक समय लग जाता था।
पुलिस पाटिल गांव स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाने और पुलिस तथा नागरिकों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद मानदेय प्राप्त करने के लिए उन्हें लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी।
मानदेय वितरण में देरी को देखते हुए पुलिस पाटिल संगठन की ओर से लंबे समय से इसे सीधे बैंक खातों में जमा करने की मांग की जा रही थी। SP प्रकाश जाधव ने पुलिस पाटिलों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बैंक सीएमपी प्रणाली के माध्यम से मानदेय वितरण के निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भुगतान सीधे बैंक खातों में जमा कराया।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने पात्र 598 पुलिस पाटिलों के पंजीकृत बैंक खातों की जानकारी और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उनका मानदेय सीधे बैंक खातों में जमा किया गया।
नई व्यवस्था के कारण मानदेय वितरण में होने वाली देरी कम होने के साथ ही कागजी प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर भी कम होंगे। इससे भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी हुई है।
पुलिस पाटिल संगठन के राज्य उपाध्यक्ष जब्बार सत्तार पठाण ने कहा कि पहले मानदेय मिलने में 20 से 25 दिन या उससे अधिक समय लगता था। संगठन ने एसपी प्रकाश जाधव से मानदेय सीधे बैंक खातों में जमा करने का अनुरोध किया था।
एसपी ने तत्काल निर्णय लेकर संगठन की लंबे समय से लंबित मांग पूरी की है। उन्होंने जो कहा, उसे पूरा किया। इसके लिए संगठन की ओर से उनका आभार व्यक्त किया गया।
जिला पुलिस पाटिल संगठन के अध्यक्ष तथा हडसपिंपलगांव के पुलिस पाटिल कारभारी रामहरी निघाटे ने कहा कि इस निर्णय से पुलिस पाटिलों की भागदौड़ रुक गई है। अब मानदेय के लिए अलग से कार्यालयों में जाकर पीछा करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। नई व्यवस्था से समय पर मानदेय मिलने में सुविधा होगी।
पुलिस पाटिल ग्रामीण पुलिस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में अपराध, कानून-व्यवस्था और स्थानीय परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। पुलिस और ग्रामीण नागरिकों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी वे महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र के रूप में काम करते हैं।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, मानदेय वितरण को सीधे बैंक खातों से जोड़ने का निर्णय पुलिस पाटिलों की प्रशासनिक कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे उनका समय बचेगा और वे अपने क्षेत्र की जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कार्यक्षेत्र में आने वाले 23 पुलिस थानों की सीमा में कार्यरत 598 पात्र पुलिस पाटिल इस व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं।
मानदेय वितरण की प्रक्रिया सीधे बैंक खातों से जोड़ने से भुगतान में पारदर्शिता के साथ समय की बचत भी होगी। ग्रामीण पुलिस व्यवस्था और पुलिस पाटिलों के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा रहा है।