मनपा आयुक्त अमोल येडगे  (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

गुंठेवारी का शुल्क घटाएं, नागरिकों पर न पड़े अतिरिक्त बोझ, संभाजीनगर आयुक्त ने वास्तुविशारदों को दिए निर्देश

Gunthewari Fee Relief: छत्रपति संभाजीनगर में गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए आयुक्त अमोल येडगे ने वास्तुविशारदों को नागरिकों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ न डालने के निर्देश दिए।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar Gunthewari: गुंठेवारी संपत्तियों के नियमितीकरण के लिए महानगरपालिका की ओर से 50 प्रतिशत शुल्क में छूट और अतिरिक्त दंड में राहत दिए जाने के बाद आवेदनों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में नियमितीकरण की प्रक्रिया से जुड़े वास्तुविशारद नागरिकों से ऐसा शुल्क लें, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

शुल्क में यथासंभव कमी करने पर विचार किया जाए, यह निर्देश महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने गुरुवार को वास्तुविशारदों के साथ हुई बैठक में दिए।

अधूरे दस्तावेजों के साथ फाइलें जमा न करने की हिदायत

गुंठेवारी नियमितीकरण का लाभ मुख्य रूप से सामान्य नागरिकों को मिल रहा है। महानगरपालिका की ओर से शुल्क में बड़ी राहत दिए जाने के बाद बड़ी संख्या में नागरिक अपनी संपत्तियों को नियमित कराने के लिए आगे आ रहे हैं। इस प्रक्रिया में वास्तुविशारदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए बढ़ते काम का हवाला देकर नागरिकों से अधिक शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, यह बात आयुक्त येडगे ने स्पष्ट की।

अधूरे दस्तावेजों से बढ़ती है नागरिकों की परेशानी

आयुक्त ने कहा कि नियमितीकरण के लिए फाइल तैयार करते समय सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच पूरी की जाए। दस्तावेजों में कमी या त्रुटि रहने पर फाइल वापस होने से नागरिकों को महानगरपालिका कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। इसलिए आवश्यक कागजात की पूर्ति, स्थल संबंधी जानकारी और अन्य जरूरी जांच पूरी करने के बाद ही फाइल महानगरपालिका में प्रस्तुत की जाए।

वास्तुविशारदों के पास वर्तमान में बड़ी संख्या में गुंठेवारी नियमितीकरण की फाइलें पहुंच रही हैं। कई वास्तुविशारदों के पास तीन से अधिक फाइलें लंबित हैं। काम का दबाव बढ़ने के बावजूद नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए शुल्क निर्धारित करने की आवश्यकता है। नियमितीकरण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रहे, इस पर भी बैठक में चर्चा हुई।

गुंठेवारी विभाग में एजेंटों के प्रवेश पर रोक

गुंठेवारी विभाग में अनधिकृत एजेंटों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। आयुक्त येडगे ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को कम शुल्क में काम कराने का झांसा देकर ठगी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए नागरिक एजेंटों के माध्यम से काम कराने से बचें और केवल अधिकृत वास्तुविशारदों के माध्यम से ही नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी कराएं।

महानगरपालिका के अनुसार शहर में लगभग 450 अधिकृत वास्तुविशारद उपलब्ध हैं। नागरिक इन अधिकृत वास्तुविशारदों के माध्यम से अपनी फाइल तैयार कराकर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

50 प्रतिशत शुल्क में छूट, अतिरिक्त दंड भी माफ

गुंठेवारी नियमितीकरण के लिए महानगरपालिका ने 50 प्रतिशत शुल्क में छूट लागू की है। इसके साथ ही सहायक क्षेत्र और सीमांत क्षेत्र के लिए लगाए जाने वाले 10-10 प्रतिशत अतिरिक्त दंड को भी माफ किया गया है। इन रियायतों के कारण नियमितीकरण के लिए आने वाली फाइलों की संख्या में वृद्धि हुई है।

महानगरपालिका का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को इस सुविधा का लाभ दिलाना है। इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ ही फाइलों की जांच और दस्तावेजों की पूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुक्त येडगे ने वास्तुविशारदों से नागरिकों को सही जानकारी देने और बिना किसी अनावश्यक विलंब के फाइलें प्रस्तुत करने की अपेक्षा जताई।

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