

Chhatrapati Sambhajinagar Drought: छत्रपति संभाजीनगर जिले सहित पूरे मराठवाड़ा में अपेक्षित वर्षा नहीं होने से पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति का सांसद संदीपान भुमरे ने शनिवार को खेतों तक पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने मौवसाला, खिर्डी, औराला सहित विभिन्न गांवों में किसानों के खेतों पर जाकर खरीफ फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।
भुमरे ने कहा कि किसानों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन केवल कागजी आंकड़ों से नहीं हो सकता, इसके लिए खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखना आवश्यक है।
सांसद भुमरे ने 8 सितंबर को ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर पूरे मराठवाड़ा में वर्षा की स्थिति की तत्काल समीक्षा करने और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की थी। इसके बाद शनिवार को उन्होंने स्वयं खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया।
भुमरे ने किसानों से बातचीत कर वर्षा की कमी से हुए फसल नुकसान, फसलों की वर्तमान स्थिति, खेतों में नमी, संभावित उत्पादन में कमी और किसानों के सामने खड़ी आर्थिक कठिनाइयों की जानकारी ली। उन्होंने वर्षा में लंबे अंतराल और कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की वृद्धि पर पड़े प्रभाव का भी प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों से वर्षा की मात्रा, फसल की स्थिति और संभावित नुकसान की जानकारी भी ली गई।
खरीफ मौसम 2026 में कम वर्षा, वर्षा में अंतराल और फसलों पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले संकेतक के आधार पर राज्य की 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया हैं। इसके तहत विभिन्न राहत उपाय और रियायतें लागू की गई हैं।
इस निर्णय में छत्रपति संभाजीनगर जिले की सभी नौ तहसीलें शामिल हैं। इनमें छत्रपति संभाजीनगर, सिल्लोड, सोयगांव, वैजापुर, गंगापुर, पैठण, फुलंब्री, कन्नड़ और खुलताबाद शामिल हैं। इससे जिले के किसानों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए घोषित विभिन्न राहत उपायों और रियायतों का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ हैं।