जिलाधिकारी विनय गौड़ा (सोर्स: नवभारत फोटो)
छत्रपति संभाजीनगर

सूखे की चुनौती के बीच नहीं रुकेगा विकास; जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने नवभारत को बताया संभाजीनगर के विकास का रोडमैप

Sambhajinagar Development Roadmap: संभाजीनगर में सूखे के बावजूद विकास की रफ्तार तेज रहेगी। जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने 8 हजार एकड़ में नए उद्योगों, 18 किमी एलिवेटेड रोड और रोजगार का रोडमैप साझा किया।

शफीउल्ला हुसैनी, गोरक्ष पोफली

Navbharat Interview Chhatrapati Sambhajinagar Collector Vinay Gowda G.C.: छत्रपति संभाजीनगर जिले में इस वर्ष वर्षा की भारी कमी के कारण सूखे की स्थिति गंभीर है, लेकिन विकास की गति को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। पर्यटन, उद्योग, रोजगार, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक योजनाओं को गति देकर जिले के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य रखा गया है। यह बात जिलाधिकारी विनय गौडा जी.सी. ने दैनिक नवभारत कार्यालय का दौरा कर संपादकीय विभाग के साथ लंबी चर्चा के दौरान की।

इस दौरान उन्होंने सूखे की स्थिति, औद्योगिक निवेश, पर्यटन, यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी भूमि सहित जिले से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान वाले छत्रपति संभाजीनगर में उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर विकास को नई गति दी जाएगी।

उद्योगों की रफ्तार, युवाओं के हाथों में रोजगार

जिले में टोयोटा, जेएसडब्ल्यू और आथर जैसी बड़ी कंपनियों का काम चल रहा है और जल्द ही उत्पादन शुरू होने की संभावना है। स्थानीय युवाओं को इन उद्योगों में रोजगार मिले, इसके लिए कौशल प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सूचना प्रौद्योगिकी और वाहन उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। कंपनियों के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान समूह के लिए 238 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है। वाहन उद्योग क्षेत्र की बेलराइज इंडस्ट्रीज प्रमुख औद्योगिक भागीदार के रूप में शामिल होगी।

8 हजार एकड़ में उद्योगों का नया विस्तार

औद्योगिक क्षेत्र में भूमि की कमी को देखते हुए घारदोन और गाडीवाट क्षेत्र में करीब 8 हजार एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। आरापूर में 750 हेक्टेयर भूमि पर भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। इसके लिए आधे से अधिक किसानों ने भूमि देने पर सहमति जताई है।

18 किमी उन्नत मार्ग से आसान होगी आवाजाही

कैम्ब्रिज चौक से वालूज तक करीब 18 किलोमीटर लंबे उन्नत मार्ग का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। यातायात में बाधा बनने वाले प्रमुख स्थानों की पहचान की गई है। गोलवाडी से वालूज मार्ग पर चार प्रमुख बाधा बिंदु सामने आए हैं। बिडकीन बाईपास सहित मार्ग में आने वाले गांवों के लिए भी बाईपास का सर्वेक्षण किया जा रहा है।

अजंता से घृष्णेश्वर तक पर्यटन को नई उड़ान

अजंता-एलोरा, दौलताबाद, घृष्णेश्वर और पैठण जैसे पर्यटन केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटन स्थलों तक गुणवत्तापूर्ण सड़क, पानी, बिजली, बस और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।आगामी कुंभ मेले को देखते हुए घृष्णेश्वर में काम तेजी से चल रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

64 प्रतिशत बारिश ने बढ़ाई पानी की चिंता

इस वर्ष जिले में केवल 64 प्रतिशत बारिश हुई है। इसके कारण करीब 40 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। जायकवाडी बांध को छोड़कर जिले के मध्यम और लघु जल परियोजनाओं में 40 प्रतिशत से भी कम पानी उपलब्ध है। सभी बांधों का पानी पीने के लिए आरक्षित रखा गया है।

फसल सर्वेक्षण जारी है और अब तक करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। करीब 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वेक्षण जल्द पूरा करने का लक्ष्य है। रोजगार गारंटी योजना के तहत फिलहाल करीब 15 हजार मजदूर काम कर रहे हैं। 50 हजार से अधिक नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है।

सूखे से मुकाबले का हथियार बनेगा जलसंधारण

सूखे से निपटने के लिए नाला गहरीकरण, चौड़ीकरण, तालाब निर्माण और बांधों से गाद निकालने जैसे कार्य किए जाएंगे। जिला नियोजन समिति की निधि का अधिकतम उपयोग जलसंधारण कार्यों पर करने की योजना है। पशुओं के लिए फरवरी तक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी तैयारी है।

सरकारी स्कूलों में आएगी नवोदय जैसी सुविधा

नवोदय विद्यालय की तर्ज पर दो सरकारी स्कूलों को मिलाकर आधुनिक विद्यालय विकसित करने की योजना है। इसमें प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक प्रयोगशालाएं, बड़ा भवन और खेल मैदान जैसी सुविधाएं होंगी। एक विद्यालय पर 8 से 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इसके अलावा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपस्वास्थ्य केंद्रों की कमियां दूर कर उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा जाएगा। प्रमुख राज्य मार्गों पर सुविधायुक्त अस्पताल विकसित करने की भी योजना है।

सरकारी जमीन पर नजर, 3,500 से अधिक मामले

जिले में वर्ष 1950 से अब तक के भूमि अभिलेखों की जांच की गई है। अब तक 14,642 भूखंडों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। जांच में 3,500 से अधिक शर्तभंग के मामले सामने आए हैं। जांच के बाद सरकारी जमीन को सरकार के नाम दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। गांवों में सरकारी जमीन की सीमाएं निर्धारित कर सूचना पट लगाए जाएंगे।

कृषि योजना में देश के 10 श्रेष्ठ जिलों में स्थान

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लाभार्थियों को पांच ब्रास रेत निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले का चयन देश के 10 श्रेष्ठ जिलों में हुआ है। इसके लिए जिलाधिकारी विनय गौडा जी. सी. का 12 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्र सरकार की ओर से सम्मान किया जाएगा। वर्ष 2022 में चंद्रपुर के जिलाधिकारी रहते हुए भी उन्हें राज्य के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।

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