छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका सोर्स: सोशल मीडिया
छत्रपति संभाजीनगर

छत्रपति संभाजीनगर के चिकलथाना में शुरू होगी 3.5 करोड़ की C&D परियोजना, मलबे से बनेगी ईंट और पेवर ब्लॉक

Sambhajinagar C&D Waste Recycling: छत्रपति संभाजीनगर के चिकलथाना में C&D कचरा प्रसंस्करण परियोजना अंतिम चरण में है। रोज 100 टन मलबे से रेत, ईंट, पेवर ब्लॉक, आई-ब्लॉक और टाइल्स तैयार की जाएंगी।

मनीषा बोंदरे

Sambhajinagar C&D Waste Processing Chikalthana Project: छत्रपति संभाजीनगर के चिकलथाना में मनपा की निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रसंस्करण परियोजना अंतिम चरण में है। परियोजना शुरू होने के बाद रोज करीब 100 टन मलबे से रेत, ईंट, आई-ब्लॉक, पेवर ब्लॉक और टाइल्स जैसी निर्माण सामग्री तैयार की जाएगी।

एक माह में शुरू हो सकती है परियोजना

छत्रपति संभाजीनगर शहर में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे की समस्या जल्द कम होने की उम्मीद है। चिकलथाना में महानगरपालिका की ओर से स्थापित की जा रही निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रसंस्करण (C&D) परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मनपा के अनुसार, परियोजना के अगले एक माह में शुरू होने की प्रबल संभावना है।

परियोजना शुरू होने के बाद शहर से निकलने वाले करीब 100 टन निर्माण मलबे का प्रतिदिन प्रसंस्करण किया जाएगा। इस मलबे से रेत, ईंट, आई-ब्लॉक, पेवर ब्लॉक, टाइल्स सहित अन्य निर्माण सामग्री तैयार की जाएगी।

सड़क किनारे नहीं जमा होगा मलबा

निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाला मलबा अक्सर सड़कों के किनारे, खाली जगहों और अन्य खुले स्थानों पर डाल दिया जाता है। इससे शहर की सुंदरता प्रभावित होने के साथ धूल और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती है। इसके अलावा मलबे को हटाने और निपटाने के लिए मनपा को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।

C&D परियोजना शुरू होने के बाद इस मलबे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा। इससे खुले स्थानों पर मलबा जमा होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

सी फ्लो कंपनी के साथ करार

मनपा ने परियोजना के संचालन के लिए कोलकाता की सी फ्लो कंपनी के साथ करार किया है। कंपनी को प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए चिकलथाना में जगह उपलब्ध कराई गई है। कंपनी ने पिछले वर्ष नवंबर में मशीनरी भी मंगवा ली थी।

हालांकि, परियोजना क्षेत्र में बायोमाइनिंग से निकला काफी कचरा जमा होने के कारण आंतरिक सड़क का निर्माण कार्य अटक गया था। बाद में मनपा आयुक्त अमोल येड़गे और महापौर राजूरकर के प्रयासों से यह कचरा हटाया गया, जिसके बाद परियोजना का काम आगे बढ़ सका।

3.5 करोड़ की परियोजना

अतिरिक्त शहर अभियंता अमोल कुलकर्णी के अनुसार, संबंधित कंपनी मुंबई, पुणे और नाशिक में भी इसी तरह की परियोजनाएं संचालित कर रही है। चिकलथाना परियोजना की कुल लागत करीब 3.5 करोड़ रुपए है। इसमें लगभग 2.84 करोड़ रुपए मशीनरी और करीब 1 करोड़ रुपए सिविल कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं।

प्रसंस्करण के बाद मलबे से रेत और ईंटों के साथ आई-ब्लॉक, पेवर ब्लॉक और टाइल्स भी तैयार की जाएंगी।

मनपा को राजस्व मिलने की उम्मीद

प्रसंस्कृत मलबे से तैयार निर्माण सामग्री के उपयोग और बिक्री से महानगरपालिका को राजस्व मिलने की भी उम्मीद है। साथ ही निर्माण मलबे के पुन: उपयोग से शहर में कचरा निपटान का दबाव कम होगा। इससे सड़कों और खाली जगहों पर मलबा जमा होने की समस्या घटने के साथ निर्माण कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर उपयोगी सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

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