Chhatrapati Sambhajinagar Cyber Fraud: गैस कनेक्शन बंद होने के झांसे से शुरू हुआ साइबर ठगी का खेल से एक डॉक्टर को 8 लाख 59 हजार 599 रुपए का चूना लगा गया। साइबर ठगों ने पहले गैस कनेक्शन बंद होने का संदेश भेजकर संपर्क कराया, फिर व्हाट्सऐप पर लिंक भेजकर डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल की।
इसके बाद ‘महानगर गैस बिल अपडेट’ नाम से एपीके फाइल भेजकर मोबाइल में स्थापित कराई। फाइल स्थापित होते ही मोबाइल का नियंत्रण ठगों के हाथ चला गया और कुछ ही देर में तीन क्रेडिट कार्डों से लाखों रुपए के लेनदेन कर दिए गए। घटना 12 और 13 दिसंबर 2025 के बीच संमित्र कॉलोनी में हुई। क्रांति चौक पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मंगल जगत, संमित्र कॉलोनी निवासी डॉक्टर मुकेश टिंडुरामजी नाथानी (54) को 12 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे अनजान नंबर से संदेश मिला कि उनका एमजीएल गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। संदेश में दिए नंबर पर डॉक्टर ने संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। अगले दिन सुबह 11.46 बजे उसी नंबर से फोन आया। ठग ने कनेक्शन फिर शुरू कराने का झांसा देकर व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा।
डॉक्टर ने लिंक खोलकर संबंधित वेबपेज पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भर दी। इसके बाद ठग ने ‘महानगर गैस बिल अपडेट’ नाम से एपीके फाइल भेजी और उसे मोबाइल में स्थापित करने को कहा। डॉक्टर ने फाइल स्थापित कर दी। हालांकि, आगे मांगी जा रही जानकारी पर उन्हें संदेह हुआ। तब तक ठग मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर चुके थे।
एपीके स्थापित करने के करीब एक घंटे बाद बैंक खाते में प्रवेश किए जाने का संदेश आया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड लेनदेन के संदेश और एक के बाद एक ओटीपी आने लगे। एचएसबीसी क्रेडिट कार्ड से 4 लाख 48 हजार 264 रुपए, आईसीआईसीआई के एक क्रेडिट कार्ड से 3 लाख 16 हजार 301 रुपए और दूसरे कार्ड से 95 हजार 34 रुपए निकाले गए। इस तरह कुल 8 लाख 59 हजार 599 रुपए के लेनदेन हुए।
डॉक्टर ने तत्काल बैंक से संपर्क कर कार्ड और खाते बंद करवाए। एसबीआई कार्ड से भी ठगी का प्रयास हुआ, लेकिन बैंक की संदिग्ध लेनदेन पहचान प्रणाली के कारण उसे समय रहते बंद कर दिया गया।
लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर मोबाइल लेकर साइबर पुलिस के पास पहुंचे। जांच में एपीके फाइल के माध्यम से मोबाइल का अनधिकृत नियंत्रण लिए जाने की जानकारी सामने आई। डॉक्टर ने तत्काल वह फाइल हटा दी। 15 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई। इसके बाद क्रांति चौक पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस निरीक्षक शिवाजी तावरे मामले की जांच कर रहे हैं।