Sambhajinagar 392 MLD Water Supply: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित 392 एमएलडी जलापूर्ति योजना को गति देने के लिए शेष कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है। जायकवाड़ी स्थित पंपिंग व्यवस्था का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
नक्षत्रवाड़ी जलशोधन केंद्र तक पानी पहुंच गया है और पानी की जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच, उच्च न्यायालय में गठित समिति की बैठक और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की प्रगति रिपोर्ट को न्यायालय ने अभिलेख पर ले लिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
शहर की जलापूर्ति से संबंधित जनहित याचिका पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति संतोष चपलगांवकर और न्यायमूर्ति अभय मंत्री की खंडपीठ के समक्ष ऑनलाइन सुनवाई हुई। इस दौरान विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत की अध्यक्षता में 23 सितंबर को हुई समिति की बैठक का विस्तृत विवरण और परियोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
सभी संबंधित पक्षों के अधिवक्ता छत्रपति संभाजीनगर खंडपीठ से ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, जयकवाड़ी स्थित मुख्य जलग्रहण केंद्र पर 392 एमएलडी क्षमता की पंपिंग व्यवस्था का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
33 केवी विद्युत आपूर्ति लाइन भी चालू कर दी गई है। नक्षत्रवाड़ी जलशोधन केंद्र तक पानी पहुंचने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जलग्रहण कुएं का काम भी अंतिम चरण में है।
शहर की मुख्य जल वितरण व्यवस्था के तहत 1500 और 2000 मिलीमीटर व्यास वाली शुद्ध जल की मुख्य गुरुत्ववाहिनियों से एन-7, एन-5, हरिओम नगर और पुंडलिक नगर में पानी छोड़ा गया है। हालांकि, पूरे छत्रपति संभाजीनगर शहर में नियमित जलापूर्ति के लिए वितरण तंत्र का पूरा होना जरूरी है। इसी कारण मिसारवाड़ी सहित अन्य इलाकों में शेष काम प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊंचे जलकुंभों और जमीन पर बने जलभंडारण टैंकों के कामों की भी समीक्षा की गई। ठेकेदारों को श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने को कहा गया है। निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसका उद्देश्य शहर में पानी के टैंकरों पर निर्भरता कम करना है।
परियोजना में अनावश्यक कार्यों को हटाकर पुनर्गठन करने से लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। संशोधित 2,740 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना के शेष कार्य निर्धारित समय में पूरे करने पर जोर दिया गया है।