छत्रपति संभाजीनगर सर्विस रोड  (सोर्सः सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

300 करोड़ की सर्विस रोड योजना पर सूखे का ब्रेक! जलगांव-जालना समेत 3 परियोजना पर अनिश्चितता

300 Crore Service Road Project: छत्रपति संभाजीनगर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रस्तावित करीब 300 करोड़ रुपए की सर्विस रोड योजना के लिए निधि उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

शफीउल्ला हुसैनी, आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar Service Road: छत्रपति संभाजीनगर शहर की यातायात व्यवस्था को राहत देने वाली करीब 300 करोड़ रुपए की सर्विस रोड योजना पर अब सूखे की मार पड़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष प्रस्ताव पहुंचने और मंजूरी मिलने की जानकारी के बावजूद इसके लिए निधि उपलब्ध होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

विकास निधि की प्राथमिकताएं बदलने से अटकी उम्मीद

राज्य में सूखे के कारण राहत, पेयजल और आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने से विकास परियोजनाओं के लिए निधि आवंटन का क्रम बदल रहा है। ऐसे में जलगांव रोड, जालना रोड और महानुभाव आश्रम चौक से नक्षत्रवाड़ी तक प्रस्तावित सर्विस रोड का काम भी आगे खिसकने की आशंका है।

तीन प्रमुख मार्गों पर बनेगी सर्विस रोड

करीब 300 करोड़ रुपए की इस योजना में वसंतराव नाईक चौक से हर्सूल टी-पॉइंट, केंब्रिज चौक से एपीआई कॉर्नर और महानुभाव आश्रम चौक से नक्षत्रवाड़ी तक के हिस्से शामिल हैं। इन मार्गों का चयन शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए किया गया है। वर्तमान में मुख्य मार्गों पर स्थानीय और लंबी दूरी का यातायात एक साथ चलता है। सर्विस रोड बनने से स्थानीय वाहनों को अलग रास्ता मिलेगा और मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

जलगांव मार्ग पर दोनों ओर रास्ता

सिडको बस स्थानक के पास वसंतराव नाईक चौक से हर्सूल टी-पॉइंट तक का मार्ग शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों में शामिल है। यहां सड़क को मजबूत और कंक्रीट से विकसित करने के बाद दोनों ओर सर्विस रोड बनाने की योजना है। इससे आसपास के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों को मुख्य सड़क के बजाय वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। स्थानीय यातायात अलग होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।

जालना रोड पर भी मिलेगा विकल्प

केंब्रिज चौक से एपीआई कॉर्नर तक सर्विस रोड का प्रस्ताव भी यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल है। सर्विस रोड बनने के बाद स्थानीय वाहनों को मुख्य मार्ग से अलग करने में सुविधा होगी। इस योजना का उद्देश्य केवल सड़क को चौड़ा करना नहीं, बल्कि स्थानीय और मुख्य यातायात को अलग-अलग मार्ग उपलब्ध कराना है। इससे व्यस्त हिस्सों में यातायात संचालन बेहतर होने की उम्मीद है।

महानुभाव आश्रम चौक से नक्षत्रवाड़ी तक नया मार्ग

तीसरे हिस्से में महानुभाव आश्रम चौक से नक्षत्रवाड़ी तक सर्विस रोड विकसित करने की योजना है। पहले इस हिस्से के लिए अलग मार्ग का विचार था, लेकिन अब नक्षत्रवाड़ी तक सर्विस रोड पर जोर दिया जा रहा है। इस मार्ग पर आवश्यकता के अनुसार सड़क को मजबूत करने और चौड़ा करने का काम किया जा सकता है। इससे शहर के उत्तर-दक्षिण आवागमन को वैकल्पिक रास्ता मिलने के साथ मुख्य मार्गों पर यातायात दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

पहले 50 प्रतिशत राशि, फिर चरणबद्ध निधि

योजना आगे बढ़ने पर प्रारंभिक चरण में करीब 50 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। इसके बाद प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी तथा निविदा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। काम शुरू होने के बाद प्रगति के आधार पर शेष राशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जा सकती है। यही प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बावजूद यदि पहली किस्त समय पर नहीं मिली तो निविदा और प्रत्यक्ष निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी हो सकती है।

सूखे ने बदली विकास कार्यों की प्राथमिकता

राज्य में सूखे की स्थिति के कारण सरकार के सामने राहत, पेयजल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि जुटाने की चुनौती है। ऐसे में बड़े विकास कार्यों के लिए निधि आवंटन का क्रम बदलना स्वाभाविक है। करीब 300 करोड़ रुपए की सर्विस रोड योजना पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। शहर की यातायात समस्या को देखते हुए योजना महत्वपूर्ण है, लेकिन अब इसकी गति सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और निधि उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

मंजूरी के बाद अब राशि का इंतजार

तीनों मार्गों पर सर्विस रोड बनने से स्थानीय यातायात को मुख्य सड़कों से अलग करने में मदद मिलेगी। इससे व्यस्त मार्गों पर दबाव घटाने और आवागमन को सुचारु करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, फिलहाल सबसे बड़ा सवाल योजना की उपयोगिता नहीं, बल्कि 300 करोड़ रुपए की निधि कब उपलब्ध होगी, यह है। सूखे के बीच राहत कार्यों और विकास योजनाओं के बीच सरकार किस तरह संतुलन बनाती है, इसी पर शहर की इस महत्वपूर्ण यातायात परियोजना की अगली गति निर्भर करेगी।

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