सांसद असदुद्दीन ओवैसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर

UP चुनाव को लेकर असदुद्दीन ओवैसी का गठबंधन को संदेश, बोले- सम्मान नहीं मिला तो AIMIM अकेले लड़ेगी चुनाव

Asaduddin Owaisi UP Election Strategy: असदुद्दीन ओवैसी ने UP चुनाव को लेकर AIMIM की रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि सम्मानजनक राजनीतिक हिस्सेदारी मिलने पर गठबंधन होगा, वरना पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी।

शफीउल्ला हुसैनी, आलोक उमाकृष्ण

UP Election AIMIM Alliance Strategy: AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से बाहर देखना चाहती है।

यदि इंडिया गठबंधन AIMIM को सम्मान के साथ अपने साथ आने का अवसर देता है और उचित राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करता है, तो पार्टी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्मानजनक भागीदारी नहीं मिलने पर AIMIM अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी। ओवैसी ने कहा कि पार्टी ने दोनों परिस्थितियों के लिए तैयारी कर रखी है।

सम्मान और हिस्सेदारी पर जोर

पत्रकार परिषद में ओवैसी ने कहा कि AIMIM इंडिया गठबंधन के साथ आने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए पार्टी को सम्मानजनक स्थान मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को AIMIM पर चुनावी हार का ठीकरा फोड़ने से पहले यह विचार करना चाहिए कि वह किन कारणों से चुनाव हारा।

ओवैसी ने कहा कि यदि इंडिया गठबंधन उन्हें सम्मान के साथ बुलाता है तो वे साथ आने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो AIMIM अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उनके अनुसार पार्टी उत्तर प्रदेश में पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुकी है।

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर चिंता

ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल मतदान तक सीमित नहीं रह सकता। उनके अनुसार, भविष्य में नागरिकता से संबंधित मामलों में भी पुराने दस्तावेजों और अभिलेखों का महत्व बढ़ सकता है।

उन्होंने नागरिकों से 12 अक्टूबर तक मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की अपील की। ओवैसी ने कहा कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची में उनके दादा-दादी के नाम की जानकारी भी मांगी जा सक्ती है। उन्होंने नामों की वर्तनी में गलतियों और परिवार से संबंधित विवरण में त्रुटियों का उल्लेख करते हुए नागरिकों से समय रहते अपनी जानकारी जांचने को कहा।

ओवैसी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उसमें सुधार कराना चाहिए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि इससे नागरिकों के बीच चिंता पैदा हो रही है।

असम के अनुभव का दिया हवाला

ओवैसी ने असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी की प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां बड़ी संख्या में लोगों के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में नागरिकता से जुड़ी प्रक्रिया का भी उल्लेख किया और इस विषय पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।

मुस्लिम समाज से संबंधित सवाल पर ओवैसी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में मुस्लिम समाज को लेकर चिंता पैदा करने वाले मुद्दे सामने आते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और नागरिकता से जुड़ी प्रक्रियाएं सभी नागरिकों के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और समान होनी चाहिए।

समान नागरिक संहिता पर असहमति

समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर ओवैसी ने अपनी असहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक समुदायों की अपनी पारिवारिक और वैवाहिक परंपराएं हैं। इस्लाम में निकाह को एक कॉन्ट्रॅक्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि निकाह में तय की गई शर्तों का पालन किया जाता है।

ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपनी राजनीतिक आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे धार्मिक और सामाजिक परंपराओं पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने उत्तराखंड, गुजरात और असम में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने का उल्लेख करते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए।

सूखे और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया

महाराष्ट्र में सूखे की संभावित स्थिति को लेकर ओवैसी ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि जल संकट और सूखे की स्थिति को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की।

बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने युवाओं के रोजगार की स्थिति पर चिंता जताई। ओवैसी ने कहा कि सरकार को रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

मुंबई आंदोलन पर लोकतांत्रिक अधिकार का उल्लेख

मुंबई शहर में आंदोलन के संबंध में ओवैसी ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने और आंदोलन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरते हैं तो सरकार और प्रशासन का ध्यान उन विषयों की ओर जाता है।

राम मंदिर से जुड़े चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने विशेष जांच दल की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच से संबंधित रिपोर्ट सामने आनी चाहिए।

इम्तियाज जलील को लेकर पार्टी का निर्णय अंतिम

इम्तियाज जलील की राजनीतिक भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर ओवैसी ने कहा कि पार्टी जहां उन्हें जिम्मेदारी देगी, वहां वे जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के निर्णय के अनुसार ही आगे की राजनीतिक गतिविधियां तय की जाएंगी।

सुजात आंबेडकर के बयान पर ओवैसी ने कहा कि वह उनका व्यक्तिगत मत है। उन्होंने इस विषय पर अपनी ओर से कोई राजनीतिक निर्णय प्रस्तुत नहीं किया।

भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस के कारण कई लोगों की जान बची। उन्होंने पायलट के शीघ्र स्वस्थ होकर भारत लौटने की कामना की।

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