Chandrapur Leopard Attack: नागभीड़ तहसील के सावरगांव परिसर में वलनी-मेंढा के कब्रिस्तान मार्ग के किनारे रविवार शाम करीब 5 बजे एक तेंदुए ने कुत्ते पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। बस स्टैंड के सामने कब्रिस्तान रोड के किनारे मिर्ची तोड़ने का काम चल रहा था। यहां वलनी-मेंढा और सावरगांव से सैकड़ों पुरुष और महिला मजदूर काम करने आते हैं।
इसी दौरान तेंदुए ने अचानक कुत्ते पर झपट्टा मारा। मजदूरों के चिल्लाने पर तेंदुआ कुत्ते को कुछ दूर तक घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया और फिर भाग गया। घटना की जानकारी मिलते ही वलनी के वन समिति अध्यक्ष होमदेव मेश्राम, सरपंच दिनकर पर्वते, उपसरपंच प्रकाश सुरपाम, वनरक्षक संदीप चुधरी, वनमजदूर वामन निकुरे, अमोल निकुरे सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
इससे पहले भी सावरगांव, कन्हालगांव, वलनी, वाढोणा, नांदेड, आलेवाही और ओवाला गांव के लोग वन्यजीवों के हमलों के डर में रह चुके हैं। अब तो वन्यजीव सीधे लोगों के पास पहुंचने लगे हैं। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी कोई अनहोनी न हो, इसके लिए उचित उपाय किए जाने चाहिए।
तेंदुए को डराने के लिए पटाखे फोड़े गए। बताया जाता है कि बीते कुछ दिनों से यह तेंदुआ इसी परिसर में घात लगाए बैठा था। इससे पूर्व भी सावरगांव की नर्सरी क्षेत्र में बाघ और अन्य वन्यजीवों के देखे जाने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।वनविभाग का कार्यालय आसपास होने के बावजूद पर्याप्त उपाय नहीं किए जा रहे, ऐसा स्थानीय लोगों का आरोप है। रविवार की घटना में भले ही इस तेंदुए को पटाखे फोड़कर भगाया गया हो, लेकिन यह दोबारा यहां नहीं आएगा, इसके लिए वनविभाग ने क्या कदम उठाए हैं? यह सवाल नागरिक पूछ रहे हैं। यह पूरा क्षेत्र वन्यजीवों की दृष्टि से पहले से ही संवेदनशील माना जाता है।