‘वन्यविलास’ रिसोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन (सौजन्य-नवभारत) 
चंद्रपुर

ताडोबा के पास रिसोर्ट विवाद, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सीमांकन पर मचा बवाल, आदिवासियों की जमीन हड़पने का आरोप

Tadoba Resort Dispute: ताडोबा के चैती तुकुम में तनाव! 'वन्यविलास' रिसॉर्ट पर आदिवासियों की जमीन हथियाने का आरोप। भारी पुलिस बल के बीच हुआ सीमांकन, ग्रामीणों ने जताया कड़ा विरोध।

प्रिया जैस

Tadoba-Andhari Tiger Reserve News: ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प से सटे परिसर में बढ़ती रिसोर्ट संस्कृति से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। चैती तुकुम गांव में ‘वन्यविलास’ रिसोर्ट के खिलाफ ग्रामीणों के लामबंद होने से शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति निर्माण हुई थी। चैती तुकुम के सर्वे क्र. 40 की जमीन का बंटवारा किया गया है।

40/1 व 40/4 यह गट वनिता मसराम के नामपर, 40/2 यह गट रिसोर्ट संचालक के नामपर, तो 40/3 यह गावठाण के लिए आरक्षित होने की जानकारी है। 2012 में रिसोर्ट बनाते समय की गई गणना के आधार पर ही हाल में सीमांकन किया गया। परंतु, इस प्रक्रिया में ग्रामपंचायत व स्थानीय लोगों को विश्वास में नहीं लिए जाने का आरोप लोगों ने लगाया।

सीमांकन पर जताई आपत्ति

भूमापन विभाग द्वारा पुराने नक्शे के आधार पर सीमांकन करने के बाद रिसोर्ट संचालक ने पडोसी कृषि भूमि व गावठाण परिसर में सीमेंट के पोल खड़े करना शुरु किया। इसके पूर्व के पोल जैसे थे वैसे ही होते हुए नई जगह पर पोल लगाए जाने से विवाद उभरा। इस सीमांकन में मसराम व दडमल परिवार के घर व जमीन भी आने का गंभीर आरोप गांव के लोगों ने किया है। इसके बाद जेसीबी के जरिए से जमीन समतल करने का काम शुरु किया गया। इसलिए आदिवासीं के ‘जल, जंगल, जमीन’ अधिकारों पर पाबंदी लगाने का आरोप करते हुए संतप्त ग्रामिणों ने तीव्र रोष व्यक्त किया।

पुलिस सुरक्षा में पहुंचे अधिकारी

इस मामले को लेकर, तनाव बढ़ कर अनुचित घटना न हो इसलिए रिसॉर्ट प्रबंधन ने राजस्व, पुलिस व भूमापन विभाग को बुलाया था। पुलिस बंदोबस्त के बीच अधिकारी घटनास्थल पर दाखिल हुए। रिसोर्ट संचालक व संबंधित विभाग की मिलीभगत से खेत व गावठान की जमीन हथियाने का प्रयास शुरु होने का संदेह ग्रामीणों की ओर से व्यक्त किया जा रहा है।

5 घंटे डटे रहे राजस्व अधिकारी

सीमांकन के समय राजस्व विभाग के अधिकारी लगभग पांच घंटे तक घटनास्थल पर डेरा जमाए हुए थे। परंतु, ग्रामीणों की बात न सुनते हुए रिसोर्ट संचालक की ओर से काम शुरू होने का आरोप लोगों व्दारा किया गया। ग्रामीणों का बढता रोष देखते हुए अधिकारियों ने अदालत में अपील करने की सलाह दी।

दोनों जगहों के मालिक एक

चिमूर तहसीलदार श्रीधर राजमाने ने बताया कि दोनों जगह के मालिक एक ही है। रिसॉर्ट वालों ने अब तक उस जगह पर कब्जा नहीं लिया था। मूल मालिक ने 81 आर. गणना कर दी थी। 59 आर. वन्यविलास को बेची गई। 32 आर सरकार आबादी को दी। पूर्ण जगह पर वनिता मसराम ने कब्जा किया है।

जमीन गणना हेतू 15 दिन का समय

यह जगह वर्ष 2002 में वनिता शत्रुघ्न मसराम चैती तुकूम ने खरिदी की। तो वन्यविलास रिसोर्ट 2012 में खडा किया गया। फिर उस जगह पर 2026 में वन्य विलास रिसोर्ट का अधिकार कैसे? मूल मालिक को जगह गणना व 15 दिन की अवधी देकर स्टे लाने का फरमान दिया गया है।

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