Chandrapur News: चंद्रपुर शहर में शनिवार 6 सितम्बर को होने जा रहे सार्वजनिक गणेश मंडलों की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन के चलते कई वर्षों से शहर के मुख्य मार्गों पर विसर्जन जुलूस निकाला जाता है। जुलूस के स्वागत के लिए सभी राजनीतिक दलों द्वारा जगह-जगह मंडप बनाए जाते हैं। इसी मंडपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी का अंदरूनी विवाद मंगलवार को पुन: एक बार सामने आया।
खास तौर पर पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और विधायक किशोर जोरगेवार के गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष सीधा सड़क पर आ गया। शहर के मेन रोड पर लोकमान्य तिलक स्कूल के सामने हर वर्ष पूर्व मंत्री और विधायक सुधीर मुनगंटीवार द्वारा मंडप बनाया जाता है। भाजपा के सभी पदाधिकारी इसी मंडप में बैठकर श्रीगणेश और गणेश मंडल कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हैं।
इस वर्ष 6 सितंबर को विसर्जन के मद्देनजर यहां स्वागत मंडप बनाया जाना था। इसी स्थान पर विधायक सुधीर मुनगंटीवार और विधायक किशोर जोरगेवार के समर्थक सड़क पर आमने-सामने आ गए।
जानकारी अनुसार, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल पावड़े ने विधायक मुनगंटीवार से अनुमति लेकर वहां एक अस्थायी मंडप बनाया था। दूसरी ओर, विधायक किशोर जोरगेवार के समर्थक और महानगर भाजपा अध्यक्ष सुभाष कासनगोटुवार ने इस पर आपत्ति जताई और उसी स्थान पर भाजपा महानगर मंडप बनाने की मांग पर अड़ गए। इससे भाजपा का अंदरूनी विवाद एक बार फिर सामने आ गया।
यह विवाद नगर निगम तक पहुच गया। मंच स्थान पर मुनगंटीवार और जोरगेवार दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मनपा ने इसमें मध्यस्थता कर महानगर अध्यक्ष कासनगोट्टवार को मंडप देने पर सहमती दी है।
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इस बीच अगर महानगर अध्यक्ष कासनगोट्टुवार का मंडप यहां लगता है, तो हसन इलेक्ट्रॉनिक के सामने पहले से आरक्षित मंडप की ज़मीन किसकी है यह सवाल भी उठा है। हर साल हसन इलेक्ट्रॉनिक के सामने विधायक किशोर जोरगेवार की यंग चांदा ब्रिगेड का मंडप लगता है।