प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
चंद्रपुर

शेगांव में धान उत्पादक किसानों की खुलेआम लूट: तौल में धांधली व अवैध कटौती से अन्नदाता बेहाल

Traders Fraud In Maharashtra: शेगांव और वरोरा तालुका में धान उत्पादक किसान व्यापारियों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। तौल में धांधली और हमाली के नाम पर हो रही अवैध वसूली ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

अंकिता पटेल

Farmers Financial Loss In Shegaon: चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील सहित शेगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धान उत्पादक किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं।

एक ओर प्रकृति का प्रकोप और बढ़ती लागत ने उन्हें कर्ज के जाल में फंसा दिया है, तो दूसरी ओर व्यापारी और दलाल मिलकर उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। कृषि उपज मंडी समिति की निष्क्रियता के कारण व्यापारी वर्ग खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।

तौल में हेराफेरी और हमाली के नाम पर वसूली

ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय व्यापारी और दलाल धान खरीदते समय किसानों को लूटने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, व्यापारियों द्वारा प्रति बोरी 30 रुपये गाड़ी भाड़ा और हमाली भाड़ा अवैध रूप से वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, वजन करते समय प्रति बोरी 2 से 3 किलो धान कम तौलना अब एक आम बात हो गई है। बैंक ऋण और कृषि केंद्रों का बकाया चुकाने की मजबूरी में किसान अपनी उपज इन औने-पौने दामों और शर्तो पर बेचने को मजबूर हैं।

बाजार समिति की भूमिका पर उठे सवाल

शेगांव परिसर में लगभग 20 से 25 बड़े धान व्यापारी सक्रिय हैं। नियमानुसार, धान खरीद की प्रक्रिया बाजार समिति की निगरानी में होनी चाहिए, लेकिन यहाँ स्थिति इसके विपरीत है। खरीद के समय मंडी समिति का एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं रहता। व्यापारी सीधे किसानों के घरों से माल वजन कर अपने गोदामों में ले जा रहे हैं। इससे न केवल किसानों का शोषण हो रहा है, बल्कि बाजार समिति को मिलने वाले राजस्व (सेस) का भी भारी नुकसान हो रहा है।

उत्पादन लागत में 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि

किसानों की हताशा का बड़ा कारण लागत में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी है। पिछले कुछ वर्षों की तुलना में खाद, बीज, कीटनाशक और मजदूरी की दरों में 40 प्रतिशत तक का उछाल आया है। ऊपर से बेमौसम बारिश और 'तुडतुड़िया' जैसे रोगों ने उत्पादन को काफी प्रभावित किया है। ऐसे संकट काल में व्यापारियों द्वारा की जा रही आर्थिक लूट किसानों को आत्महत्या की ओर धकेलने जैसी स्थिति पैदा कर रही है।

उपसभापति ने जताई चिंता, सख्त कार्रवाई की मांग

वरोरा कृषि उपज मंडी समिति के उपसभापति जयंत मोरेश्वर टेंभुर्डे ने इस अव्यवस्था पर कड़ी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शेगांव क्षेत्र में बाहरी व्यापारियों का हस्तक्षेप बढ़ गया है, जिससे स्थानीय बाजार समिति आर्थिक संकट की ओर बढ़ रही है।

टेंभुर्डे ने मांग की है कि प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए, हमाली की दरों पर नियंत्रण लगाना चाहिए और अवैध तरीके से खरीद करने वाले व्यापारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर किसानों को न्याय दिलाना चाहिए।

--नवभारत के लिए जगदीश पेंदाम की रिपोर्ट

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