Ghugghus Hospital Delayed Inauguration: देश के अतिप्रदूषित शहरों में से एक घुग्घुस में 2023 में ही बन कर तैयार ग्रामीण अस्पताल का उद्घाटन तीन साल तक अटकने का कारण अब सामने आया है। जिलाधिकारी वसुमना पंत ने शुक्रवार को यहां का प्रत्यक्ष मुआयना किया। उस समय उन्होने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई तब उनके इलेक्ट्रकल विभाग की खामियों से 18 गांवों के लाभार्थियों को तीन साल तक स्वास्थ्य सुविधा के लिए तरसते रहने का पता चला।
बहरहाल 11 करोड़ खर्च कर बने इस विशाल अस्पताल में सारी सुविधाएं है। परंतु इलेट्रिक का काम ही नहीं हुआ है। अब इसके लिए जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी के इलेट्रिक विभाग को एक माह का अल्टीमेटम दिया है। गौरतलब है कि इस संबंध में मंगलवार को विस्तार से खबर प्रकाशित कर ध्यानाकर्षण किया गया था। जिसका संज्ञान जिलाधिकारी ने लिया है। करीब 12 वर्ष पूर्व जनआंदोलन के रुप में इस ग्रामीण अस्पताल की मांग उभरी थी।
घुग्घुस समेत 18 गांवों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 करोड का अस्पताल 2023 में बन कर तैयार हो गया। इसके लिए भी लोगों को निरंतर बडे बडे नेताओं के पास एडियां रगड़नी पड़ी। 30 बेड के इस ग्रामीण अस्पताल की वास्तु बनकर तैयार होने के बाद प्रत्यक्ष इसका लाभ मिलने के लिए लोगों का फिर से संघर्ष शुरु हो गया। इसके लिए भी सीएम, डिप्टी सीएम से लेकर आला मंत्री व अधिकारियों तक प्रत्यक्ष भेंट, पत्राचार आदि करना पडा।
अब जब जिलाधिकारी के दौरे से यह स्पष्ट हो ही गया है कि पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रीक विभाग के अधिकारी व ठेकेदार इसमें विलंब कर रहे थे। तब सवाल यह पूछा जा रहा है कि यह विलंब आखिर क्यों किया जा रहा था? किसी का दबाव था? या कोई साठगांठ ? बहरहाल इसके जवाब तो जिलाधिकारी को भी स्पष्ट नहीं मिल पाए। अब महीने भर में इसका उद्घाटन होता है या नहीं? इस ओर सभी की निगाहें है।