

नागपुर: कहते हैं कि प्यार में कोई बंदिश नहीं होती। प्यार तो किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन उपराजधानी में एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां 3 बच्चों की मां को 20 साल छोटे नाबालिग प्रेमी से इश्क हुआ। वो भी इस कदर कि एक दिन विवाहिता अपने एक बच्चे को लेकर प्रेमी के साथ भाग गई। प्यार अंधा होता है सुना था, लेकिन प्यार बेपरवाह होता है, यह इस घटना से सामने आ गया। इधर, प्यार में अंधी हुई कलयुगी मां ने दो बच्चों और पति को छोड़कर प्रेमी का दामन थामकर बेटे को लेकर भाग गई।
बता दें कि, नाबालिग के लापता होने पर वाठोडा पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया। लेकिन उसका पता नहीं चला। अंततः, अपराध शाखा की मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने जांच शुरू की और नाबालिग को ढूंढ निकाला। वह मध्य प्रदेश के बालाघाट में एक महिला के साथ पाया गया। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लिया तथा महिला को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, रूही (बदला हुआ नाम) 36 वर्ष की है। वह अपने पति और 3 बच्चों के साथ वाठोडा इलाके में रहती थी। 16 साल का पीड़ित नाबालिग सोनू (बदला हुआ नाम) ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता है। सोनू की बहन हमेशा बीमार रहती थी। इसलिए उसके पिता उसे ताजबाग दरगाह ले जाते थे। जब पिता का दरगाह में जाना नहीं होता तो सोनू अपनी नाबालिग बहन को दरगाह ले जाता था।
रूही और सोनू की 5 महीने पहले वहीं पर मुलाकात हुई। मोबाइल फोन पर दोनों की दोस्ती आगे प्यार में तब्दील हो गई। रूही अपने विवाहित जीवन से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए नवंबर में दोनों ने घर से भागने का फैसला किया और पुणे भाग गए। कुछ दिनों के बाद वे दोनों घर लौट आए। दोनों परिवारों को उनके प्रेम प्रसंग के बारे में पता चल गया था। सोनू के पिता ने उसे जमकर डांटा था, वहीं रूही के अपने पति से झगड़े हो गए थे। अपराध जगत की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
2 दिसंबर को सोनू कॉलेज जाने के लिए घर से निकला लेकिन घर वापस नहीं लौटा। पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज किया। रूही भी अपने एक छोटे बच्चे के साथ घर से लापता हो गई थी। दोनों ने बालाघाट में अपना बसेरा जमा लिया। रूही ने अपने सोने के गहने बेच दिए और एक कमरा किराए पर ले लिया। घर अन्न और भोजन का सारा सामान भर दिया।
सोनू कैटरिंग का काम करने लगा तो रूही ने लोगों के घरों में रसोइया का काम करना शुरू कर दिया। दोनों ने वहां अपनी-अपनी छोटी सी दुनिया बसा ली थी। चूंकि लापता सोनू की तलाश में जुटी पुलिस को कुछ सुराग नहीं मिल रहा था, इसलिए मामले की जांच एएचटीयू को सौंप दी गई। इस बीच, नाबालिग ने इंस्टाग्राम पर अपनी बहन को संदेश भेजकर हालचाल पूछा। पुलिस ने उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसका पता लगाया।
यह कार्रवाई एएचटीयू पुलिस इंस्पेक्टर ललिता तोडसे के मार्गदर्शन में हवालदार श्याम अंगुथलेवार, राम निरगुडकर, दीपक बिंदाने, ऋषिकेश डुमरे, विलास चिंचुलकर, शरीफ शेख, अश्विन खोडपेवार और पल्लवी वंजारी की टीम ने दोनों को बालाघाट से गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग सोनू अपनी मर्जी से महिला के साथ रह रहा था। लेकिन वह नाबालिग है, इसलिए उसकी मर्जी का कोई मतलब नहीं है। इसलिए वाठोडा पुलिस ने अपहरण मामले में रूही को गिरफ्तार कर लिया।