Chandrapur CTPS Theft Case: स्थानीय महाऔष्णिक बिजली केंद्र (सीटीपीएस) की सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर कॉपर केबल चोरी के मामले में आरोपी वाघमारे के बाद दुर्गापुर पुलिस ने सीटीपीएस के वरिष्ठ प्रबंधक सुरक्षा अधिकारी शिलरतन गोंगले (46) को गिरफ्तार किया है। ऊर्जानगर निवासी गोंगले की गिरफ्तारी बुधवार को किए जाने की जानकारी थानेदार संतोष शेगावकर ने दी।
इस गिरफ्तारी के बाद मामले में आरोपियों की संख्या 19 हो गई है। यूनिट क्रमांक 9 के जनरेटर की सर्विसिंग और जांच के लिए इस्तेमाल किया गया कॉपर वायर काम पूरा होने के बाद निकालकर रखा गया था। बताया जा रहा है कि वायर लगभग एक पूरे रोल के बराबर था। ऐसे में पुलिस के सामने यह जांच महत्वपूर्ण है कि इतने बड़े स्टॉक की जानकारी किन लोगों को थी और इसकी सूचना कथित चोरों तक कैसे पहुंची। हैरत की बात है कि सीसीटीवी कैमेरे के बावजूद इस साहसी व संगठीत चोरी को अंजाम दिया गया।
ऐसे में अब महाराष्ट्र सुरक्षा बल के कर्मियों की भूमिका पर भी नजर गडाई जा रही है। मामले में महाराष्ट्र सुरक्षा बल से जुड़े कुछसुरक्षा प्रहरीके नाम सामने आने की जानकारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जाता है कि जिस कॉपर वायर की चोरी हुई उसके शेष अंश को लेकर जांच हो सकती है।
मामला उजागर होने के साथ जो छह पहिया वाहन पकडा गया उसपर 'मेट्रो ब्रिक्स सप्लायर' लिखा होने की जानकारी सामने आई है। हालाकि अब तक पुलिस को इसकी पुष्टी नही हुई है कि इस वाहन का मालिका कौन है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक कॉपर केबल चोरी मामले में पाशा को मुख्य आरोपी माना जा रहा था। वहीं, जांच में पडोली निवासी रहीम शेख का नाम कथित मुख्य सूत्रधार के रूप में सामने आने की जानकारी है। वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है और दुर्गापुर पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, रहीम का नाम डीजल तस्करी, सट्टापट्टी और कबाड़ चोरी जैसे कथित कारोबार से जोड़ा जा रहा है। साथ ही स्थानीय अपराध शाखा के एक विवादित कर्मचारी के साथ उसकी कथित सांठगांठ होने की जानकारी भी सूत्रों से सामने आई है। बताया जाता है कि उक्त कर्मचारी पूर्व में पडोली थाने में तैनात था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट होगी।