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अपर जिलाधिकारी डॉ. नितीन व्यवहारे ने कहा कि किन्नर समुदाय को सहानुभूति के बजाय समान अधिकारों वाले नागरिक के रूप में स्वीकार करना जरूरी है।
कार्यशाला में किन्नर समुदाय को उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मुख्य मार्गदर्शक डॉ. सान्वी जेढवाणी ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को बीज पूंजी योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए 2 लाख रुपए तक की ऋण सुविधा मिल सकती है।
Chandrapur Social Justice Department: किन्नर समुदाय भी समाज का अभिन्न अंग है। उन्हें केवल सहानुभूति की दृष्टि से देखने के बजाय समान अधिकारों वाले नागरिक के रूप में स्वीकार करना चाहिए। इस समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। यह प्रतिपादन अपर जिलाधिकारी डॉ. नितीन व्यवहारे ने किया। डॉ. व्यवहारे ने कहा कि किन्नर समुदाय के अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करने में ऐसी कार्यशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सरकार ने उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान किए हैं और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदाता पंजीकरण जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सरकार ने इस समुदाय के कल्याण के लिए स्वतंत्र महामंडल भी स्थापित किया है। समाजकार्य के विद्यार्थियों को भी इस समुदाय के प्रति फैली भ्रांतियां दूर करने के लिए जनजागृति करनी चाहिए।
मुख्य मार्गदर्शक डॉ. सान्वी जेढवाणी ने कहा कि किन्नर समुदाय को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, शिक्षा प्राप्त करने, रोजगार करने और समान अवसर पाने का अधिकार है। इसके बावजूद आज भी उन्हें सामाजिक पूर्वाग्रह और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। समाज को उन्हें एक इंसान के रूप में स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि अनेक किन्नर आज भी रेलवे स्टेशनों, टोल नाकों और सार्वजनिक स्थानों पर आजीविका चलाते दिखाई देते हैं। उन्हें मुख्यधारा से दूर रखने के बजाय शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक 'नालसा' फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस निर्णय से किन्नर समुदाय की स्वतंत्र पहचान को कानूनी मान्यता मिली और उनके अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिली। पात्र लाभार्थियों को बीज पूंजी योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए 2 लाख रुपए तक की ऋण सुविधा मिल सकती है। राज्य सरकार ने किन्नर समुदाय के लिए उच्च शिक्षा निःशुल्क की है। प्रत्येक जिले में संरक्षण कक्ष शुरू करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे है। आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे ने कहा कि किन्नर समुदाय के प्रति समाज का पारंपरिक दृष्टिकोण बदलना आवश्यक है। इस वर्ग ने लंबे समय तक उपेक्षा और भेदभाव सहा है, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव हो रहे है। पुलिस भर्ती जैसे क्षेत्रों में भी उनके लिए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि किन्नर समुदाय के साथ अन्याय, उत्पीड़न या किसी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित व्यक्ति आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस प्रशासन प्रतिबद्ध है।
नियोजन भवन में सामाजिक न्याय विभाग, चंद्रपुर और सप्तरंगी सेवाभावी संस्था, नांदेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यशाला में वे बोल रहे थे। मंच पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त विनोद मोहतुरे, सप्तरंगी सेवाभावी संस्था की अध्यक्ष तथा तृतीयपंथीय कल्याण महामंडल की सह-अध्यक्ष डॉ. सान्वी जेढवाणी, किन्नर समुदाय के प्रतिनिधि राज और साजन उपस्थित थे।