प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो-सोशल मीडिया)  
चंद्रपुर

खाड़ी देशों में छिड़ी जंग: चंद्रपुर के सैकड़ों नागरिक फंसे, प्रशासन की सुस्ती से पालकों में बढ़ा आक्रोश

Chandrapur News: ईरान-खाड़ी युद्ध के कारण दुबई और शारजाह में चंद्रपुर के कई लोग फंसे हैं। प्रशासन के पास सटीक डेटा न होने से पालकों में नाराजगी है। अब केंद्र के निर्देश पर जानकारी जुटाई जा रही है।

रूपम सिंह

District Collector Chandrapur: ईरान व अन्य खाडी देशों के बीच चल रहे युध्द से चंद्रपुर में जहां सबंधितों में चिंता व संकट छाया है, वहीं प्रशासन इस मामले में लापरवाह साबित हो रहा है। इस स्थिति के चलते पालकों अभिभावकों की नाराजगी और अधिक बढ़ गई है। सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से चंद्रपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए है। जिसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से संबंधित पालकों को दूरभाष पर पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया है।

केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से जिलाधिकारी से जिले के विदेशों में फंसे हुए छात्र व लोगों की सूची मंगाई गई है। गौरतलब है कि यह सूची भी प्रशासन के पास अपडेट नहीं है। चंद्रपुर शहर व जिले के कुछ छात्र एवं नागरिक शारजाह, दुबई व अबू धाबी जैसे शहरों में है। हालात बिगड़ते देख पालकों ने ही जिला प्रशासन से संपर्क कर सहयोग की गुहार लगाई थी। बावजूद खबर लिखे जाने तक चंद्रपुर व जिले के कितने लोग उक्त तीन शहरों में फंसे है? इसकी सटीक जानकारी प्रशासन के पास मौजूद नहीं थी।

पालकों से मांग रहे ब्योरा

बताया जाता है कि जैसे-जैसे पालक प्रशासन को दूरभाष पर सूचना दे रहे है वैसे वैसे प्रशासन उसे दर्ज करते जा रहा है। पालकों के दूरभाष संपर्क के बाद प्रशासन की ओर से अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। कौन है, क्यों गए है, वहां क्या कर रहे है, कैसे व किस माध्यम से गए है? आदि पहलुओं पर अब चंद्रपुर प्रशासन एक एक कर डेटा जुटाने के प्रयास कर रहा है। पालकों में हैरत है कि आधिकारिक पासपोर्ट व विजा लेकर शिक्षा, प्रशिक्षण या नौकरी आदि कारणों से जानेवाले लोगों के दस्तावेज प्रशासन के पास से ही होकर गुजरने के बावजूद इसका ब्यौरा कैसे नहीं है? प्रशासन के पास अब भी पूरे आंकडे न होने को लेकर यहां लोगों में परेशानी, चिंता और असुरक्षा का भाव है।

निकलने का एक ही रास्ता

दुबई में फंसे आश्रय तायडे ने बताया कि वहां से निकलने का एकमात्र रास्ता बचा है। इसके लिए उन्हे वहां से करीब 500 किमी सड़क यात्रा से ओमान जाना पड़ेगा। मस्कट एअरपोर्ट से फिलहाल हवाई सेवा शुरु है। परंतु विमान की टिकटें मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं 1 लाख रुपयों तक टिकटें बढ़ा दी गई है। लोग इसके लिए भी तैयार है।

आंखों के सामने मिसाइल गिरने का नजारा

दुबई में फंसे एक चश्मदीद की माने तो उनकी आंखों के सामने मिसाइलें गिर रही है। दुबई के सैनिक उन मिसाइलों को हवा में ही डिफ्यूज कर रहे है। यह सब खुली आंखों से देखते हुए चंद्रपुर के छात्र डरे सहमे से है। वे लगातार अपने पालकों को इसकी जानकारी दे रहे है। जिससे उनके पालक भी सहमें हुए है। कोई रास्ता या राहत नजर नहीं आती, ऐसा पालकों का कहना है।

हमने कलेक्टर को दी जानकारी

दुर्गापुर संजय शिंदे ने बताया की मेरी बेटी, दामाद व नाती तीनों दुबई में है। मैने जिलाधिकारी से स्वयं संपर्क कर सूचित कर दिया है। दुबई लैंड के लिवान में वे लोग एक बिल्डिंग में है। अभिषेक सालवे, आराधना सालवे व 1 साल की नातीन एलिझा सालवे तीनों फिलहाल सुरक्षित है। सोमवार को मैने उनसे संपर्क किया।

उन्हे मोबाइल पर अलर्ट मिल रहे है। आज वहां आवास व भोजन की व्यवस्था किए जाने का आह्वान किया गया। घर बैठे उन्हे सारे अपडेट मिल रहे है। परंतु फोटो या वीडियो भेजने पर पाबंदी लगाई है। इसके लिए जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। घबराओं मत, ऐसा संदेश उन्हे आज दिया गया है। फिर भी हम चिंता में है। हमारी रातों की नींद गायब हुई है।

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