Neri Gram Sabha Chandrapur: चंद्रपुर जिले के नेरी ग्राम पंचायत की बहुचर्चित ग्रामसभा विभिन्न मुद्दों को लेकर जमकर हंगामेदार रही। ग्राम पंचायत के कामकाज में लाखों रुपये के कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सरपंच और सदस्यों से जवाब मांगा। हालांकि, ग्रामविकास अधिकारी की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए सरपंच और सदस्यों द्वारा सवालों का ठोस जवाब नहीं दिए जाने से ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामसभा में सैकड़ों नागरिक उपस्थित थे।
युवा ग्रामविकास संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं तथा ग्राम पंचायत के आर्थिक व्यवहार को लेकर कई सवाल उठाए। पिछले पांच वर्षों में किए गए विकास कार्यों और उन पर खर्च की गई राशि का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की गई।
ग्रामविकास अधिकारी रहे गैरहाजिर, निलंबन का प्रस्ताव ग्रामसभा के सचिव एवं ग्रामविकास अधिकारी भाग्यवान शेंडे बैठक में अनुपस्थित रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने बिना पूर्व सूचना अथवा अनुमति के ग्रामसभा से दूरी बनाई। ग्रामसभा में ग्रामविकास अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया गया। इसी दौरान डॉ. सुनील पिसे का तंटामुक्त समिति के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चयन किया गया। इसके बाद शेष विषयों पर अपेक्षित चर्चा किए बिना ग्रामसभा समाप्त कर दिए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया। अब अगली ग्रामसभा 3 सितंबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
नेरी ग्रामविकास अधिकारी भाग्यवान शेंडे ने कहा कि "महाराष्ट्र ग्रामसेवक संगठन ने ग्रामसभाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संगठन के निर्णय के अनुसार ही मैं ग्रामसभा में उपस्थित नहीं हुआ। इसके पीछे कोई अन्य कारण नहीं है।"