नासिक में फर्जी 'ग्रामसेवक' नियुक्ति का भंडाफोड़: जॉइनिंग करने पहुँचा युवक, CEO ने दिए FIR के निर्देश

Nashik Fake Appointment: नासिक जिला परिषद के नाम पर फर्जी ग्रामसेवक नियुक्ति पत्र का पर्दाफाश। जॉइनिंग के लिए पहुँचे युवक के खिलाफ CEO ओमकार पवार ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। सतर्क रहने की अपील
Fake Gram Sevak appointment scam exposed in Nashik ZP. A youth tried joining using forged papers. CEO Omkar Pawar ordered an FIR and warned citizens against job fraud.
Fake Appointment Letter (फोटो- सोशल मीडिया)
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Nashik Gram Sevak Recruitment Scam News: नासिक जिला परिषद के ग्राम पंचायत विभाग से संबंधित एक फर्जी नियुक्ति आदेश का मामला उजागर हुआ है। प्रशासन ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला परिषद जिला चयन समिति और ग्राम पंचायत विभाग के नाम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र (जावक क्रमांकः जिपसां/ग्रापं/आस्था 4/प्रा। सेवक/2026) तैयार किया गया था।

इस पत्र के माध्यम से संबंधित व्यक्ति को ग्रामसेवक के पद पर कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया था। जब उक्त व्यक्ति 27 फरवरी को इस आदेश के आधार पर नाशिक पंचायत समिति कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पहुँचा, तब वहां के अधिकारियों को मामला संदिग्ध लगा।

सीईओ ने दिए प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अक्षय सूर्यकांत चौधरी नामक व्यक्ति ने फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कर शासन और जिला परिषद प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करने का प्रयास किया है। प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस गिरोह में शामिल अन्य संदिग्धों की भी गहनता से जांच की जा रही है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

 नासिक जिला परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियां केवल शासन द्वारा निर्धारित आधिकारिक प्रक्रिया, विज्ञापनों और सत्यापन के माध्यम से ही की जाती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध दस्तावेज या व्यक्ति मिलता है, तो तुरंत संबंधित पंचायत समिति, जिला परिषद कार्यालय या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

इस घटना के बाद जिला परिषद के सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शासन के नाम का दुरुपयोग कर जनता को गुमराह करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

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