मूल पंचायत समिति परिसर में शुरू किया गया रानी हिराई रूरल मार्ट एवं जैविक निविष्ठा केंद्र पिछले एक वर्ष से बंद है।
महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद) के तहत केंद्र शुरू करने का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बाजार उपलब्ध कराना था।
केंद्र के आसपास मिट्टी और लकड़ियां जमा होने से परिसर की स्थिति और खराब हो रही है।
Mul Panchayat Samiti: ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया 'रानी हिराई रूरल मार्ट एवं जैविक निविष्ठा केंद्र' आज खुद बदहाली का शिकार है। महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद) के तहत मूल पंचायत समिति परिसर में करीब दो वर्ष पहले शुरू किए गए इस केंद्र पर लाखों रुपए खर्च किए गए, लेकिन महिलाओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
स्थिति यह है कि यह रूरल मार्ट पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है। उमेद अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जाते हैं। इसी उद्देश्य से इस केंद्र की शुरुआत की गई थी। लेकिन संचालन बंद होने से योजना का मूल उद्देश्य ही अधूरा रह गया है।
केंद्र के आसपास लापरवाही से लकड़ियां और मिट्टी डाल दिए जाने के कारण इमारत की हालत भी खराब हो रही है। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ओर पहले से मौजूद केंद्र उपेक्षा के कारण बदहाल है, वहीं उसके ठीक बगल में करीब 70 लाख रुपए की लागत से नई इमारत का निर्माण किया जा रहा है।
बताया गया है कि पुरानी इमारत मूल रूप से पंचायत समिति के अंतर्गत आवास योजना की जानकारी देने के लिए प्रदर्शन केंद्र के रूप में बनाई गई थी, जिसे बाद में उमेद अभियान के उपयोग के लिए दिया गया था। नए निर्माण के दौरान आसपास मिट्टी और लकड़ियां डाले जाने से केंद्र की स्थिति और बिगड़ी है।
तालुका अभियान प्रबंधन कक्ष, मूल के समन्वयक नितीन वाघमारे ने बताया कि नई इमारत के निर्माण के कारण केंद्र के आसपास मिट्टी और लकड़ियां जमा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही परिसर को पहले जैसी स्थिति में लाया जाएगा। वहीं, जिला परिषद निर्माण उपविभाग, मूल के शाखा अभियंता देव बघेले ने कहा कि इमारत का उचित निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि जब लाखों रुपए खर्च कर बनाया गया पुराना केंद्र ही बंद और उपेक्षित है, तो नई इमारत का उपयोग किस तरह सुनिश्चित किया जाएगा? ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल को दोबारा सक्रिय करना, केंद्र की देखरेख करना और महिलाओं के उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था करना जरूरी है। अन्यथा सरकारी खर्च के बावजूद महिलाओं को रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन का लाभ नहीं मिल पाएगा।