Chandrapur Government Hospital Negligence: चंद्रपुर-गड़चिरोली हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद गड़चिरोली से रेफर की गई महिला को चंद्रपुर के सरकारी अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिल सका।
Medical Negligence Caseपरिजनों का कहना है कि पहले बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई और बाद में न्यूरोसर्जन नहीं होने के कारण उपचार से इनकार कर दिया गया। नतीजतन गंभीर घायल महिला करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस में ही तड़पती रही, जिसके बाद उसे नागपुर रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार, चंद्रपुर निवासी अरावती निर्मलकर अपने पति के साथ दोपहिया वाहन से जा रही थीं। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में अरावती के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उनके पति भी घायल हो गए।
दोनों को पहले गड़चिरोली जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए चंद्रपुर रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि चंद्रपुर पहुंचने के बाद भी महिला को तत्काल इलाज नहीं मिला।
सिर की गंभीर चोट के लिए न्यूरोसर्जन की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। इलाज में हुई देरी के कारण मरीज को अंततः नागपुर भेजना पड़ा।
महिला के सिर में गंभीर चोट थी। चंद्रपुर अस्पताल पहुंचने के बाद भी समय पर इलाज नहीं मिला। पहले बेड नहीं होने की बात कही गई, फिर विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। काफी देर इंतजार के बाद नागपुर रेफर करना पड़ा।
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जब जिले में इतने जनप्रतिनिधि हैं, तब भी गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिल रहा। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। ज्ञातव्य हो, कुछ दिन पूर्व शहर में स्वास्थ्य महाशिविर लेकर बडे बडे नामी चिकित्सक व आधुनिक यंत्र सामग्री लाकर लोगों की खूब वाहवाही लूटी गई थी।