Chandrapur Court Missing Documents Case: जिला न्यायालय के गुम हुए न्यायालयीन दस्तावेजों के मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रदीप नामदेव लांडगे (उम्र 43 वर्ष, व्यवसाय कंप्यूटर ऑपरेटर, निवासी वार्ड क्रमांक 4, विसापुर, तहसील बल्लारपुर, जिला चंद्रपुर) को न्यायालय ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसके बाद आरोपी को जिला कारागृह में भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया था। पुलिस हिरासत की अवधि 15 अगस्त (शनिवार) को समाप्त होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान लोक अभिरक्षक कार्यालय की ओर से आरोपी को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
लोक अभिरक्षक कार्यालय के मुख्य लोक अभिरक्षक अधिवक्ता विनोद बोरसे ने आरोपी की ओर से न्यायालय में वकालतनामा दाखिल किया। पुलिस ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी।
न्यायालय ने पुलिस की मांग को स्वीकार करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आरोपी की जमानत याचिका दाखिलइस बीच, आरोपी प्रदीप लांडगे की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनोद बोरसे ने न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है।
जमानत आवेदन में कहा गया है कि आरोपी दाहिने पैर से दिव्यांग है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति है। उसकी वृद्ध मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे उस पर निर्भर हैं। वह विसापुर का स्थायी निवासी है तथा जमानत मिलने पर कहीं फरार नहीं होगा इन्हीं आधारों पर आरोपी को जमानत देने की मांग की गई है।
सरकारी वकील और जांच अधिकारी से जवाब मांगा आरोपी की जमानत याचिका पर सरकारी वकील तथा मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी को अपना पक्ष (से) प्रस्तुत करने के निर्देश न्यायालय ने दिए है। न्यायालय में आरोपी की ओर से अधिवक्ता विनोद बोरसे पैरवी कर रहे हैं।