6 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे, जब गांव के लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई। प्रत्यक्षदर्शी अक्षय भोसले के अनुसार, अगले ही पांच मिनट के भीतर विसापुर किले से ढही मिट्टी के नीचे नंदू तिकोने का घर पूरी तरह गायब हो गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।