बल्लारपुर नगर परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया) 
चंद्रपुर

बल्लारपुर नगर पालिका: 26 में से केवल 4 बार भाजपा को मिला मौका, इस बार महिला होंगी मुखिया

Chandrapur News: बल्लारपुर नगर पालिका में नगराध्यक्ष पद के लिए ओबीसी महिला का आरक्षण घोषित, आगामी आम चुनाव की संभावना बढ़ी। राजनीतिक हलचल तेज, प्रतिनिधित्व और समावेशिता बढ़ेगी।

आकाश मसने

Ballarpur Municipality: बल्लारपुर चंद्रपुर जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका है। यह नगर पालिका 1952 में अस्तित्व में आई थी। तब से अब तक 26 नगराध्यक्ष इस नगर पालिका की कमान संभाल चुके हैं। इनमें से केवल 4 नगराध्यक्ष भाजपा के रहे हैं। इतिहास में दर्ज है कि यहां 12 अधिकारियों ने प्रशासक का पद संभाला है।

आगामी नगर पालिका आम चुनाव के लिए सोमवार को नगराध्यक्ष पद के आरक्षणा की घोषणा की गई। अब, पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की एक महिला को बल्लारपुर नगर पालिका का अध्यक्ष बनने का मौका मिला है। इसके चलते राजनीतिक समीकरण को संतुलित करने के लिए हलचल शुरू हो गई है।

26 में केवल 4 नगराध्यक्ष भाजपा के

बल्लारपुर नगर पालिका के इतिहास में अब तक 26 नगराध्यक्ष कार्यभार संभाल चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा नगराध्यक्ष कांग्रेस के रहे हैं। केवल 4 बार ही भाजपा के नगराध्यक्ष बने हैं। गौरतलब है कि इस नगर पालिका में अब तक 12 अधिकारी प्रशासक का पद संभाल चुके हैं।

पीएम टांक ने पहले नगराध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। उनका कार्यकाल 1952 से 1955 तक रहा। ओबीसी महिला आरक्षण से पहले, भाजपा के हरीश शर्मा ने 28 दिसंबर, 2016 से 1 जनवरी, 2022 तक नगरपालिका का कार्यभार संभाला था।तब से, नगरपालिका प्रशासकीय शासन के अधीन है।

हालांकि, अब नगराध्यक्ष पद के लिए आरक्षण ड्रा के बाद आगामी आम चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है। विशेष रूप से, बल्लारपुर नगरपालिका में विशाल वाघ, अमित कुमार, विजय देव इकर, विजय कुमार सरनाईक, शीतल उगले, हेमंत कुमार पवार, एमबी गुरलवार, सुधाकर नागुलवार, डीएम कापसे, जीके देशकर, एमएच मोहबे आदि अधिकारी प्रशासक का दायित्व संभाल चुके हैं।

इस बार होंगे 34 पार्षद

बल्लारपुर नगरपालिका आम चुनावों के दौरान, मतदाता 17 वार्डों में से प्रत्येक से दो पार्षदों का चुनाव करेंगे। ऐसे में कुल 34 पार्षद होंगे। पार्षद पद के लिए आरक्षण की घोषणा मंगलवार को की गई।

पिता-पुत्र और पति व पत्नी नगराध्यक्ष बने

  • बल्लारपुर नगरपालिका में नगराध्यक्ष बनने का इतिहास दिलचस्प है। उल्लेखनीय है कि पुडलिक माकोड़े यहाँ नगराध्यक्ष पद पर रह चुके हैं और चार बार नगराध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं। उनके पुत्र दिलीप माकोड़े दो बार नगराध्यक्ष पद पर आसीन हुए है।
  • इसी प्रकार, धनश्याम मूलचंदानी ने 23 दिसंबर 1992 से 14 जुलाई 1994 तक यहीं नगरपालिका का संचालन किया है।
  • उनकी पत्नी रजनी घनश्याम मूलचंदानी 28 दिसंबर 2011 से 13 जुलाई 2014 तक यहाँ नगरपालिका की अध्यक्ष रहीं, हरीश शर्मा, कनकमकुमार येलय्या, लखनसिंह चंदेल और छबु देवराव मेश्राम, भाजपा के सहयोग से नगराध्यक्ष चुने गए।

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