Shegaon Sharma Kachori: बुलढाणा जिले के शेगांव स्थित प्रसिद्ध तीरथराम करमचंद शर्मा कचोरी सेंटर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन एफडीए विभाग ने अचानक छापा मारा। प्रशासन ने कचोरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न कच्चे माल के नमूने जांच के लिए लिए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देशानुसार, राज्य भर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिले के प्रसिद्ध खाद्य केंद्रों की जांच की जा रही है।
शेगाव महाराष्ट्र का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां हर साल लाखों भक्त आते हैं और यहां की शेगावी कचोरी का स्वाद लेते हैं। हालांकि, कचोरी की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की शुद्धता पर सवाल उठने के बाद प्रशासन ने यह छापेमारी की। विभाग के अधिकारी गुलाबसिंह वसावे के नेतृत्व वाली टीम ने सेंटर पर छापा मारकर कचोरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मैदा, दाल, तेल, मसाले, घी और अन्य आवश्यक सामग्री के नमूने लिए।
इन नमूनों को प्रयोगशाला में भेजा गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी। यदि मिलावट, हानिकारक रंग, बासी या निम्न स्तर की सामग्री पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में किया पूरा सहयोग। शर्मा कचोरी सेंटर के प्रबंधकों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई में पूरा सहयोग किया है।
इस छापेमारी के बाद स्थानीय निवासियों और नियमित ग्राहकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने सभी खाद्य व्यवसायियों को चेतावनी दी है कि ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।