

Islam Party Entry In Nashik TCS Case: नासिक के बहुचर्चित TCS कॉर्पोरेट ‘जिहाद और धर्मांतरण’ मामले को अब नया राजनीतिक मोड़ मिल गया है। इससे पहले छत्रपति संभाजीनगर AIMIM के नगरसेवक मतीन पटेल द्वारा आरोपियों को कथित संरक्षण दिए जाने की चर्चा थी, वहीं अब इस मामले एक और राजनीतिक पार्टी का नाम जुड़ गया है। मालेगांव की ‘इस्लाम पार्टी’ भी इस मामले में सक्रिय हो गई है। इस्लाम पार्टी की ओर से आरोपियों को अदालत में कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
TCS धर्मांतरण मामले की नासिक अदालत में हुई सुनवाई के दौरान इस्लाम पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व विधायक आसिफ शेख स्वयं उपस्थित रहे। पार्टी की ओर से इस मामले के लिए अलग से वकील नियुक्त किया गया है, जिन्होंने आरोपी दानिश शेख की ओर से अदालत में पक्ष रखा।
इस्लाम पार्टी के संस्थापक आसिफ शेख ने कहा कि यह मामला नासिक में हुआ है, लेकिन इसे गलत तरीके से धार्मिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के परिजनों ने उनसे सहायता मांगी थी, जिसके बाद कानूनी मदद दी गई है। आसिफ शेख ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी।
नासिक TCS केस के आरोपी दानिश शेख के वकील फैज वसीफ ने बताया कि अदालत में सभी पक्षों की सुनवाई की गई और कई मुद्दों पर बहस हुई। इस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर 19 जून को अगली सुनवाई होगी। इससे पहले भी दो बार सुनवाई टाली जा चुकी है। अगली सुनवाई में सरकारी पक्ष की दलीलें भी सुनी जाएंगी, जिसके बाद अदालत अपना निर्णय दे सकती है।
यह मामला नासिक समेत पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। छत्रपति संभाजीनगर के AIMIM पार्षद मतीन पटेल द्वारा निदा को पनाह देने से यह मुद्दा पहले ही राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया था। अब इस्लाम पार्टी की एंट्री सियासत और गरमा गई है। सभी की नजरें अब 19 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कार्यालय में कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है। नासिक पुलिस की SIT द्वारा दर्ज चार्जशीट के अनुसार, मुख्य आरोपी निदा खान और तौसीफ अत्तार ने हिंदू महिला कर्मचारी का ब्रेनवाश किया। उसे मंदिर जाने से रोका गया और जबरन बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने व इस्लामिक उपदेशकों के वीडियो देखने के लिए मजबूर किया गया।