Chikhla Kakad Violence: बुलढाणा जिले के लोणार तहसील के चिखला काकड गांव में सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले को लेकर शुक्रवार को दो गुटों में विवाद भड़क गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
मामले में 37 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है, जबकि पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया है। गांव के सार्वजनिक स्थल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिवाजी महाराज का पुतला स्थापित किया गया था। कुछ लोगों का मत था कि इस पुतले को किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जाए, जबकि अन्य लोग इसे यथास्थान रखने के पक्ष में थे।
इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें कुछ महिलाएं भी घायल हुईं। इस दौरान पुतला हटाने का विरोध कर रहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट की महिला उपजिला प्रमुख संजीवनी वाघ के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि भीड़ ने उनके कपड़े फाड़ दिए।
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घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रदीप पाटील के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। घटना के बाद पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र शिंगणे, शशिकांत खेडेकर तथा विधायक सिद्धार्थ खरात ने गांव पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने चिखला काकड गांव का दौरा कर घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, मारपीट और अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।