भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने X पर पोस्ट कर शिवसेना पर महायुति धर्म न निभाने का आरोप लगाया।
नवनाथ बन ने शिवसेना पर पुणे-नागपुर में सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया।
पुणे में महायुति के खिलाफ शिवसेना ने सचिन सनाप को समर्थन दिया।
संभाजीनगर में अब्दुल सत्तार के NCP विरोध को हार की मुख्य वजह बताया।
MLC Elections Shiv Sena vs BJP: महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 शिक्षक और स्नातक सीटों पर हुए चुनाव में महायुति के खराब प्रदर्शन को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच की दरारें अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता नवनाथ बन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विस्फोटक पोस्ट साझा कर अपने ही सहयोगी एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया है।
नवनाथ बन ने महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के नतीजों का विश्लेषण करते हुए शिवसेना के रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महायुति का हिस्सा होने के बावजूद शिवसेना ने पुणे और नागपुर में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया।
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने सोशल मीडिया में लिखा "शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में महायुति का हिस्सा रही शिवसेना ने पुणे और नागपुर में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। पुणे में अंतिम समय पर सचिन सानप को समर्थन देकर शिवसेना ने महायुति की एकता को कमजोर किया; उन्हें मिले वोट असल में वे वोट थे जो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा को मिल सकते थे।
इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर का जिक्र करते हुए नवनाथ बन ने शिवसेना के कद्दावर नेता अब्दुल सत्तार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि छत्रपति संभाजीनगर में अब्दुल सत्तार ने चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के खिलाफ खुलकर पर प्रचार किया। गठबंधन के ही सहयोगी दल के खिलाफ इस तरह का प्रचार महायुति के लिए नुकसानदेह साबित हुआ।
भाजपा प्रवक्ता ने अफसोस जताते हुए लिखा कि यदि शिवसेना ने पूरी ईमानदारी से गठबंधन के सिद्धांतों और धर्म का पालन किया होता तथा भाजपा और NCP के साथ तालमेल बिठाकर मैदान में उतरती, तो आज महायुति सभी पांचों सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सकती थी।
नवनाथ बन ने तंज कसते हुए कहा कि पुणे में एक सीट हासिल करने की चाहत में शिवसेना ने अपने ही सहयोगियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। इसका खामियाजा यह भुगतना पड़ा कि गठबंधन आसानी से जीती जा सकने वाली तीन सीटों को गंवा बैठा। अपने सहयोगियों का नुकसान करके किसी एक सीट को प्राथमिकता देना महायुति के हित में नहीं है।
नवनाथ बन के इस बयान के बाद अब शिवसेना की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना इस पर कैसे रिएक्ट करती है यह देखने वाली बात होगी।