Bhandara Administrative Negligence: डोंगरी बु. स्थित पटवारी कार्यालय के समीप कचरे के ढेर में लगभग 500 से 600 अधजले रंगीन मतदाता पहचान पत्र मिलने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में तरहतरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। शुरुआत में माना जा रहा था कि ये कार्ड संभवतः मृत व्यक्तियों या अनुपयोगी दस्तावेजों के होंगे।
लेकिन स्थानीय लोगों ने जब कार्डों की जांच की तो उनमें कई ऐसे नागरिकों के मतदाता पहचान पत्र भी मिले, जो आज भी जीवित हैं और गांव में ही निवास कर रहे हैं। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज कचरे के ढेर तक कैसे पहुंचे और इन्हें अधजली अवस्था में क्यों छोड़ा गया।
नागरिक यह भी जानना चाहते हैं कि क्या इन्हें किसी अधिकृत प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जा रहा था या फिर लापरवाहीवश फेंक दिया गया। साथ ही इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार कौन है, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मतदाता पहचान पत्र बनवाने या उसमें सुधार कराने के लिए लोगों को तहसील कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की इस तरह की दुर्दशा प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
तुमसर तहसीलदार उपेश अंबादे ने कहा कि इस घटना के बारे में मुझे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मामले की पूरी जानकारी लेकर और जांच करवाकर ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।