पीएम सम्मान निधि की रुकी हुई किस्तें फिर शुरू होंगी (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
भंडारा

पीएम सम्मान निधि की रुकी हुई किस्तें फिर शुरू होंगी, किसानों को तुरंत कराना होगा ई-केवाईसी

PM Kisan Installment: पीएम किसान सम्मान निधि की रुकी हुई किस्तें जल्द शुरू होंगी। रिकॉर्ड में विसंगति पाए गए किसानों को तुरंत ई-केवाईसी कर जानकारी अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।

आंचल लोखंडे

Bhandara Farmers: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त से वंचित रह गए भंडारा जिले के किसानों के लिए जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। संदिग्ध रिकॉर्ड के कारण जिन किसानों की किस्तें अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं, उन्हें अपनी जानकारी तुरंत अपडेट कर ई-केवाईसी पूरा करने का निर्देश जिला नोडल अधिकारी एवं जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी ने दिया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 24 फरवरी 2019 से लागू है। पात्र किसान परिवारों को इस योजना के तहत हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब तक 20 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अंतिम 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को वितरित हुई थी, लेकिन कुछ किसानों के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाए जाने पर उनकी किस्तें रोक दी गई हैं।

इन कारणों से रुकी आपकी किस्त

  • जमीन की खरीद/बिक्री/वाटप से संबंधित बदलाव
  • वर्तमान व पूर्व भूमि मालिक के रिकॉर्ड में असंगति
  • पूर्व मालिक की जानकारी अधूरी होना

ऐसे किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर पीएम किसान पोर्टल के Farmer Corner → "Updates Missing Information" विकल्प से अपनी अधूरी या गलत जानकारी अपडेट कर सकते हैं।

ई-केवाईसी अनिवार्य

जानकारी अपडेट करने के बाद बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा ई-केवाईसी पूरा करना जरूरी है। किसान स्वयं भी पोर्टल पर जाकर अपनी गलत या अधूरी जानकारी संशोधित कर सकते हैं। अद्यतन जानकारी तहसील, जिला और राज्य स्तर पर अधिकारियों की मंजूरी के बाद स्वीकार की जाएगी। मंजूरी मिलते ही किसानों के खाते पुनः सक्रिय हो जाएंगे और रुकी हुई किस्तें जारी कर दी जाएंगी।

इन तीन सूचियों में अपना नाम अवश्य जांचें

किसानों से अपील की गई है कि वे अपना नाम इन तीन सूची प्रकारों में शामिल है या नहीं, इसे जानने के लिए तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय या ग्राम पंचायत से संपर्क करें। किसान स्वयं भी पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। जिन लाभार्थियों का निधन हो चुका है, उनके वारिसों को 6 महीने के भीतर मृत्यु प्रमाणपत्र जमा कर हप्ता बंद कराना आवश्यक है। इसके बाद ही वारिस योजना में नया पंजीकरण कर सकेंगे।

जिस सस्ते रॉकेट लॉन्च पर भारत को था गर्व, नई स्टडी ने खोल दी पोल? जानिए क्या है पूरा मामला

कंगना के बयान से भड़के रामदेव! बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, रामदेव का योगदान देश जानता है

मौत के बाद भी नहीं मिल सका परिवार! पिता का गांव तो मां-बेटे का शहर में अंतिम संस्कार, क्या थी सुसाइड की वजह?

आरक्षण कोई खैरात नहीं...जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच बरसे चिराग पासवान और मायावती, बताया संवैधानिक अधिकार

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 IAS अफसरों के तबादले; DDC-SDO समेत बदले कई पद, देखें पूरी लिस्ट