Bhandara Crop Loss: नाकाडोंगरी क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक तेज आंधी, बिजली की कड़कड़ाहट और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर आम उत्पादक किसानों पर पड़ा है। कुछ ही मिनटों तक चले तूफान ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया, जिससे वे गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं।पिछले कई दिनों से क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस का माहौल था। अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।
आंधी इतनी प्रचंड थी कि कई स्थानों पर आम के बड़ेबड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि अनेक पेड़ों की शाखाएं टूट गईं।इस वर्ष आम के पेड़ों पर भरपूर बौर आया था और पेड़ कच्चे तथा पके फलों से लदे हुए थे। किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे थे। आम और कैरियां जमीन पर गिरीलेकिन तेज हवाओं के कारण बड़ी मात्रा में आम और कैरियां जमीन पर गिर गईं। बागों में चारों ओर गिरे हुए फलों का ढेर दिखाई दे रहा है।नाकाडोंगरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान आम की खेती पर निर्भर हैं।
किसानों को उम्मीद थी कि इस वर्ष अच्छी आमदनी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लेकिन अचानक आए इस तूफान ने उनकी उम्मीदों को गहरा झटका दिया है। जमीन पर गिरे फलों को अब बेहद कम कीमत पर बेचना पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए।
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नुकसानग्रस्त आम बागानों और कृषि भूमि का पंचनामा कर नुकसान का आकलन करें तथा प्रभावित किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता दें।किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए इस नुकसान की भरपाई बिना सरकारी मदद के संभव नहीं है। इसलिए शासन को तत्काल राहत पैकेज घोषित कर नुकसानग्रस्त किसानों को सहायता उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।