Bhandara Sanitation Department: महाराष्ट्र राज्य समूह संसाधन केंद्र के अंतर्गत कार्यरत जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के संविदा कर्मचारियों ने लंबित मानदेय की मांग को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पिछले छह महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
प्रशासन की उदासीनता से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार, 1 जून से राज्यव्यापी पूर्णकालिक काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं तथा जल जीवन मिशन सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के समूह समन्वयक और गट समन्वयक ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन दिसंबर 2025 से मई 2026 तक के छह माह का मानदेय अब तक उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार निवेदन और मांग पत्र देने के बावजूद प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही दिए गए। 30 मई 2026 तक मानदेय जारी नहीं होने के कारण 1 जून से राज्य के सभी समूह संसाधन केंद्रों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल हो गए हैं।
महाराष्ट्र राज्य समूह संसाधन केंद्र जल एवं स्वच्छता संविदा कर्मचारी संगठन ने आंदोलन की रूपरेखा घोषित की है। पहले चरण में 1 जून से 5 जून 2026 तक जिला परिषद कार्यालयों के सामने धरनाप्रदर्शन किया जाएगा। दूसरे चरण में 8 जून को राज्य स्तरीय संविदा कर्मचारी जलगांव जिलाधिकारी कार्यालय से जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल के निवास तक पदयात्रा निकालेंगे तथा वहां धरना देंगे।
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तीसरे चरण में 9 जून से लंबित मानदेय का भुगतान होने तक राज्यभर में जिला स्तर पर काम बंद आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। सातों तहसीलों के कर्मचारी आंदोलन में शामिलइस आंदोलन में जिले की सभी सात तहसीलों के समूह समन्वयक एवं गट समन्वयक शामिल हुए हैं। इनमें प्रज्ञा देशमुख, शशिकांत घोडीचोर, निरंजन गणवीर, जनार्दन डोरले, चेतन मेश्राम, जगदीश तलेकर सहित अन्य कर्मचारी प्रमुख रूप से शामिल हैं।