लाखांदुर किसान आत्महत्या- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

किसानों को बरबाद करके छोड़ेगा 'कर्ज' का पहाड़! भंडारा में एक और आत्महत्या से नागरिकों का सरकार पर फूटा गुस्सा

Agriculture Crisis:भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील के बोथली गांव में 37 वर्षीय किसान ने लगातार फसल बर्बादी और कर्ज के बोझ से परेशान होकर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आंचल लोखंडे

Lakhandur Farmer Suicide: भंडारा जिले के लाखांदुर तहसील के बोथली में लगातार फसल की बर्बादी और सिर पर चढ़े कर्ज के बोझ से तंग आकर 37 वर्षीय किसान ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।यह घटना रविवार की शाम उजागर हुई। मृतक किसान का नाम उमेश सीताराम बगमारे है। मृतक उमेश बगमारे के पास तीन एकड़ खेती थी।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से प्रकृति का साथ न मिलने के कारण खेतों में लगातार नुकसान हो रहा था। इसके परिणामस्वरूप उन पर बैंक व साहुकारों का कर्ज बढ़ता जा रहा था। इस कर्ज को चुकाने की चिंता के कारण वे पिछले कुछ दिनों से भारी मानसिक तनाव में थे।

फसल बर्बाद होने से टूट गया किसान

घटना के दिन रविवार,26 जुलाई की सुबह उमेश की मां और पत्नी खेत में धान की रोपाई के काम के लिए गई हुई थीं। घर में अकेले होने का फायदा उठाकर उन्होंने शाम साढ़े पांच से छह बजे के बीच अपने मकान के कमरे में सीलिंग फैन से दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली।

लाखांदुर में फांसी लगाकर दी जान

शाम करीब छह बजे जब मां और पत्नी खेत से घर वापस लौटीं, तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने पड़ोसियों को बुलाया। ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़कर जब लोग भीतर दाखिल हुए, तो उमेश पंखे से लटके पाए गए। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर परिजनों का रोरोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना तुरंत दिघोरी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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