प्रमाण पत्र देते डॉक्टर (फोटो नवभारत) 
भंडारा

भंडारा में नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ, जिला शल्य चिकित्सक ने कहा- 'नेत्रदान सर्वोत्तम कार्य'

Bhandara News: भंडारा जिला अस्पताल में नेत्रदान पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। डॉक्टरों ने नेत्रदान को मानवता का प्रतीक बताया और अधिक लोगों से जुड़ने की अपील की।

आकाश मसने

Eye Donation Fortnight Started In Bhandara: मानवता और सामाजिक सरोकार के एक महत्वपूर्ण संदेश के साथ, जिला सामान्य अस्पताल भंडारा में शुक्रवार को नेत्र विभाग की ओर से नेत्रदान पखवाड़े का औपचारिक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शल्य चिकित्सक डॉ. दीपचंद सोयाम ने की, जिन्होंने नेत्रदान को मृत्यु के बाद भी जीवन को सार्थक बनाने का सर्वोत्तम कार्य बताया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला नेत्र शल्य चिकित्सक डॉ. रेखा धकाते ने रखी, जिन्होंने पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस दौरान नेत्रदान के महत्व पर डॉ. दुर्गेश पशीने ने मार्गदर्शन दिया, जबकि अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. अतुलकुमार टेंभुर्णे ने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

इस मौके पर उन परिवारों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने प्रियजनों की मृत्यु के बाद नेत्रदान कर दूसरों को रोशनी दी। नेत्रदानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र देकर उनका सत्कार किया गया।

भारत में दृष्टिहीनता और नेत्रदान की अहमियत

डॉ. सोयाम ने भारत में दृष्टिहीनता की गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्व के एक चौथाई दृष्टिहीन लोग भारत में निवास करते हैं, जिनमें से 4.60 मिलियन लोग कॉर्निया (नेत्र की पुतली) से संबंधित समस्याओं से पीड़ित हैं। चिंता की बात यह है कि इन पीड़ितों में से 60% बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से ऐसे लाखों लोगों को फिर से दृष्टि मिल सकती है और वे एक सामान्य जीवन जी सकते हैं। डॉ. सोयाम ने लोगों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पहले यह धारणा थी कि मृत्यु के बाद शरीर नष्ट हो जाता है, लेकिन अब हम नेत्रदान, देहदान और अंगदान जैसे कार्यों से दूसरों को जीवनदान दे सकते हैं। उन्होंने समाज सेवी संस्थाओं, शिक्षकों और नागरिकों से अपील की कि वे जनजागृति के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन से जोड़ें।

2024-25 में जिले में 102% नेत्रदान

डॉ. सोयाम ने भंडारा जिले में नेत्रदान के क्षेत्र में हुए उत्कृष्ट कार्य की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले में 102% नेत्रदान का कार्य पूरा किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। वहीं, चालू वर्ष में अब तक 40% कार्य संपन्न हो चुका है।

नेत्रदान पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित निबंध, रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिताओं में विजयी छात्राओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन नेत्रदान समुपदेशक सोनाली लांबट ने किया और आभार डॉ. करुणा खोब्रागडे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, विद्यार्थी और आम नागरिक उपस्थित थे।

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