Bhandara Water Supply Project: महाराष्ट्र सुवर्ण जयंती नगरोत्थान महाभियान के तहत शहर की लंबे समय से अटकी जलापूर्ति योजना ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। खात रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे से पाइपलाइन डालने का कार्य शुरू होते ही नागरिकों में बड़ी राहत की उम्मीद जगी है।
वर्ष 2018 में स्वीकृत 57.26 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना तकनीकी कारणों से कुछ समय तक धीमी रही, लेकिन अब काम युद्धस्तर पर शुरू होने से शहरवासियों में खुशी का माहौल है। परियोजना के पूरा होते ही आगामी गर्मी में शहर की कई कॉलोनियों को नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
शहर के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस योजना को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण, नागपुर विभाग द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। 18 फरवरी 2019 को परियोजना का भूमिपूजन कर कार्य आरंभ किया गया था। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रॉसिंग की अनुमति और कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण कार्य की गति प्रभावित हुई। प्रशासनिक सहयोग मिलने के बाद अब खात रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे से पाइपलाइन बिछाने का चुनौतीपूर्ण कार्य तेजी से किया जा रहा है।
इसके पूरा होते ही रुक्मिणीनगर, शिवनगरी, तुलसीनगर, राधाकृष्ण विहार सहित कई विकसित कॉलोनियों तक पानी पहुंचेगा। अब तक इस परियोजना पर लगभग 87 प्रतिशत वित्तीय व्यय हो चुका है, जबकि 92 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अशुद्ध जल उपसा केंद्र, मुख्य जलशुद्धीकरण केंद्र और शहर तक पानी पहुंचाने वाली मुख्य जलवाहिनी का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा के उपयोग का निर्णय लिया गया था, जिसका लगभग 93 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे भविष्य में नगर पालिका के बिजली बिल का बोझ काफी हद तक कम होगा। अब तक करीब 7,800 घरों को अधिकृत नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं और शेष कार्य भी तेजी से जारी है।
इस योजना के पूर्ण होने से शहर की जल संकट समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। वर्तमान में कई इलाकों में कम दबाव से पानी आता है या नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
नई पाइपलाइन और आधुनिक जलशुद्धीकरण केंद्र के माध्यम से प्रत्येक घर तक पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पानी पहुंचेगा। खात रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रॉसिंग का कार्य इस परियोजना की रीढ़ माना जा रहा है, क्योंकि इसी मार्ग से शहर की मुख्य जल भंडारण टंकियों तक पानी पहुंचेगा। परियोजना के पूर्ण होने से आने वाला ग्रीष्मकाल शहरवासियों के लिए राहत भरा साबित होगा और पानी के लिए होने वाली परेशानी समाप्त हो जाएगी।
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शहर की जलापूर्ति को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पूरे शहर को छह जोनों में विभाजित किया गया है। इनमें से तीन जोनों में नई योजना के तहत प्रायोगिक रूप से नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। अगले दो महीनों में दो और जोनों को नई पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी की समस्या का समाधान हो सकेगा।
परियोजना की मूल समय सीमा 31 अक्टूबर 2025 थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे बढ़ाकर अब 28 फरवरी 2026 कर दिया गया है। प्रशासन ने ठेकेदार को इस तिथि तक हर हाल में कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।