आदेश जारी हुए दो महीने, काम शुरू नहीं, अकोला में जमीन विवाद से अटका जलापूर्ति योजना का काम

Akola News: अमृत योजना चरण-2 का 217.51 करोड़ का जलापूर्ति प्रकल्प जमीन अड़चनों से अटका है। जिगाव से पानी लाने, जॅकवेल, पाइपलाइन, शुद्धीकरण केंद्र व पंप कार्य में मंजूरी व देरी बाधा बनी है।
The 217.51 ​​crore rupees water supply project under the Amrit Yojana Phase-2 is stuck due to land issues. Approval and delays in bringing water from Jigao, installing jackwells, pipelines, purification centers, and pumps have become obstacles
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Akola Amrit Yojana: अमृत योजना चरण-2 अंतर्गत जलापूर्ति कार्य का पहला 217.51 करोड़ रुपये का प्रकल्प जमीन संबंधी अड़चनों के कारण दो महीने पहले आदेश जारी होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो पाया है। पहले चरण में जलापूर्ति कार्य पूर्ण होने के बाद मनपा ने शहर तक जिगाव प्रकल्प से पानी लाने हेतु 827 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव को तकनीकी मंजूरी मिली थी, परंतु दूसरे चरण का अनुमानित खर्च 300 करोड़ रुपये दर्ज होने से अमृत योजना की शिखर समिति ने इसे मंजूरी नहीं दी।

समिति ने तीन अलग-अलग प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया। इनमें से एक प्रस्ताव को अमृत योजना में मंजूरी मिली, जबकि अन्य दो प्रस्ताव नगरोत्थान योजना में भेजे गए। दूसरे चरण में अधिकांश कार्य सीमा वृद्धि के बाद शामिल हुए 21 गांवों में होना है। इसमें जलवाहिनी बिछाना, जलकुंभ निर्माण, जल शुद्धीकरण केंद्र स्थापित करना और स्कॉडा ऑटोमोशन यंत्रणा लागू करना शामिल है।

पहले चरण में जिगाव प्रकल्प के पास पहूरपूर्णा में जॅकवेल निर्माण का कार्य होना था। लेकिन सिंचाई विभाग ने बुडीत क्षेत्र की जमीनें किसानों से लेकर मुआवजा दिया था, परंतु जमीन विभाग के नाम दर्ज नहीं की गई। सातबारा अभी भी किसान के नाम पर है, जिसके कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

मजीप्रा की तरफ तीन प्रस्ताव, एक को मंजूरी

मनपा ने अमृत योजना में 223 करोड, नगरोत्थान योजना में 367 करोड़ और 162 करोड़ रुपये के तीन प्रस्ताव तैयार किए थे। इन्हें तकनीकी मंजूरी हेतु मजीघ्रा की तरफ भेजा गया। त्रुटियां दूर कर पुनः प्रस्तुत करने पर केवल 223 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। शेष दो प्रस्तावों को अभी प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी में विलंब होने पर योजना अधूरी रहने की संभावना है।

ऐसे होंगे प्रमुख कार्य

  • जिगाव प्रकल्प के पास पहूरपूर्णा में जॅकवेल निर्माण।
  • पहूरपूर्णा से निमकर्दा तक 32 किमी लंबी 1100 मिमी जलवाहिनी बिछाना।
  • निमकर्दा में 88 एमएलडी क्षमता का जलशुद्धीकरण केंद्र स्थापित करना।
  • 400 एचपी क्षमता के 9 पंप लगाना।
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