EVM controversy:EVM शवयात्रा (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

EVM की निकाली शवयात्रा, भंडारा नगर परिषद चुनाव में गड़बड़ियों के खिलाफ सभी दलों का विरोध प्रदर्शन

Bhandara Municipal Election: भंडारा नगर परिषद चुनाव में EVM से उम्मीदवार और नोटा के नाम गायब होने के विरोध में सर्वदलीय मार्च निकाला गया और EVM मशीन की शवयात्रा करते हुए पुनर्मतदान की मांग की।

आंचल लोखंडे

Bhandara Protest: भंडारा म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव की मतगणना के दौरान वार्ड क्रमांक 3 के एक उम्मीदवार का नाम और ‘नोटा’ का विकल्प EVM मशीन से गायब पाए जाने से चुनाव आयोग और EVM प्रणाली के खिलाफ भारी रोष फैल गया। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने पर सोमवार (29 दिसंबर) को सभी राजनीतिक दलों ने EVM मशीन का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करते हुए विरोध मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। देशभर में समय-समय पर EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन भंडारा नगर परिषद चुनाव के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि मतगणना के दौरान वार्ड 3 की उम्मीदवार करुणा राउत और ‘नोटा’ के वोट EVM मशीन पर प्रदर्शित नहीं हुए और सीधे परिणाम घोषित कर दिए गए।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

इस घटना ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही घटना से EVM प्रणाली की विश्वसनीयता पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने और चुनाव आयोग व प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से सोमवार, 29 दिसंबर को भंडारा में सर्वदलीय मार्च का आयोजन किया गया।

त्रिमूर्ति चौक पर रैली के रूप में संपन्न

यह मार्च हुतात्मा स्मारक, शास्त्री चौक से शुरू होकर त्रिमूर्ति चौक पर रैली के रूप में संपन्न हुआ। भाजपा को छोड़कर अन्य सभी दलों के जिला अध्यक्ष, पदाधिकारी, नेता, नगर परिषद चुनाव में पराजित अध्यक्ष व पार्षद पद के उम्मीदवार, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक इसमें शामिल हुए।

EVM के बजाय बैलेट पेपर

रेजिडेंट डिप्टी जिला मजिस्ट्रेट फाल्के प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संज्ञान लेते हुए भंडारा म्युनिसिपल काउंसिल का चुनाव EVM के बजाय बैलेट पेपर से पुनः कराने तथा इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग स्वीकार की। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 12 जनवरी को भंडारा जिला बंद का आह्वान किया गया है।

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