Bhandara Heavy Monsoon: जून का महीना खत्म होने से ठीक पहले आखिरकार भंडारा जिले में मानसून की झमाझम बारिश ने दस्तक दे दी है। लंबे इंतजार के बाद हुए इस बरखा आगमन से जिले के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी तीन दिनों के यलो अलर्ट के पहले दिन कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। हालांकि, अलर्ट के दूसरे दिन दोपहर तक आसमान साफ था और तेज धूप खिली रही, जो ठंडे मौसम में उमस और गर्मी बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।
इस बारिश के दौरान खास बात यह रही कि साकोली तहसील के एकोडी में अतिवृष्टि रिकॉर्ड की गई है; वहाँ 84.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा मोहाड़ी में 45.5 मिमी, देव्हाड़ी में 35.8 मिमी, तुमसर और मिटेवानी में 31.8 मिमी बारिश हुई, जबकि जिले के कुछ इलाकों में बेहद कम बारिश हुई।
भंडारा जिले में अब तक सामान्य रूप से 189.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक रूप से औसत केवल 44.3 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। इसका सीधा अर्थ है कि जरूरत के हिसाब से जिले में अब भी 145 मिमी बारिश कम हुई है। तीन दिनों का यह यलो अलर्ट 25 जून को समाप्त हो जाएगा, लेकिन इस बीच मौसम विभाग ने 28 जून को भी जिले में यलो अलर्ट रहने की संभावना व्यक्त की है।
जिले में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो साकोली तहसील में सबसे ज्यादा वर्षा हुई है। विभिन्न तहसीलों की स्थिति इस प्रकार है: साकोली तहसील में अब तक सर्वाधिक 105.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो इस समय की औसत बारिश का 64.0 प्रतिशत है। मोहाड़ी में भी बारिश का जोर बना हुआ है और अब तक 103.7 मिमी (81.6 प्रतिशत) बारिश दर्ज हो चुकी है। तुमसर तहसील में अब तक 63.8 मिमी बारिश हुई है, जो औसत की तुलना में 45.0 प्रतिशत है। भंडारा में अब तक 32.8 मिमी (20.1 प्रतिशत) बारिश रिकॉर्ड की गई है। पवनी क्षेत्र में 35.1 मिमी (22.8 प्रतिशत) वर्षा हुई है। लाखांदुर में अब तक 22.5 मिमी (17.1 प्रतिशत) पानी गिरा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों तक भंडारा जिले में मौसम खराब रहने की आशंका है। इस दौरान जिले में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही कुछ इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का भी अनुमान है।
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इस बारिश ने उन किसानों को बड़ी राहत दी है जो लंबे समय से आसमान में नजरें गड़ाए बैठे थे। इस साल मृग नक्षत्र पूरी तरह सूखा बीतने के कारण किसान बेहद चिंतित थे, लेकिन अब आर्द्रा नक्षत्र में बरस रही इन फुहारों ने खेतों की तैयारी को गति दे दी है। इस बारिश ने लोगों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी निजात दिलाई है। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का यह जोर बरकरार रहा, तो जिले में धान की बुआई का काम पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।