भंडारा में मानसून की दस्तक, बारिश से गर्मी से राहत लेकिन किसानों की चिंता बरकरार

Bhandara Weather Update: भंडारा में मानसून के आगमन से भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, अब तक सामान्य से 116.4 मिमी कम बारिश रिकॉर्ड होने से खरीफ फसलों की बुआई पर संकट मंडरा रहा है।
Bhandara Monsoon Arrival
भंडारा में बारिश प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Bhandara Monsoon Arrival:  भंडारा जिले में मंगलवार को आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी। शाम के समय हुई अच्छी बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद शाम करीब छह बजे जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश शुरू हुई।

कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वर्षा होने से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि तेज हवा के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही, जिससे नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान हुआ सही

मौसम विभाग ने पहले ही जिले में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई थी। पूर्वानुमान के अनुरूप हुई बारिश ने मानसून के आगमन की पुष्टि कर दी। पिछले दो दिनों से जिले के विभिन्न भागों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। सोमवार को तुमसर और लाखनी तहसील में अच्छी वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि मंगलवार को भी कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

खरीफ फसलों की बुआई पर असर

हालांकि मानसून की एंट्री के बावजूद कृषि क्षेत्र की चिंताएं अभी कम नहीं हुई हैं। जिले में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है और किसान पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

वर्षा के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 23 जून तक जिले में औसतन 145.1 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस वर्ष अब तक केवल 28.7 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस प्रकार जिले में सामान्य से 116.4 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है।

कृषि विशेषज्ञों की चेतावनी

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर और लगातार बारिश नहीं होने से धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। कई किसानों ने अभी तक बुआई शुरू नहीं की है, जबकि कुछ किसानों ने शुरुआती तैयारी कर रखी है और वे अच्छी बारिश की प्रतीक्षा में हैं।

आकाशीय बिजली से नुकसान की घटनाएं

बीच में इस आकाशीय बिजली गिरने की कुछ घटनाओं से नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष मानसून का आगमन अपेक्षाकृत विलंब से हुआ है। मौसमी परिस्थितियों और अल नीनो के प्रभाव के कारण वर्षा का क्रम प्रभावित हुआ है।

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