Bhandara Police Action: भंडारा पुलिस ने तत्परता और तकनीकी जानकारी के प्रभावी इस्तेमाल से लापता नाबालिग बच्ची को महज 12 घंटे में सुरक्षित खोज निकाला। आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्ची को उसकी दादी के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली जानकारी के अनुसार, बच्ची अपनी दादी के साथ रह रही थी।
सितंबर की शाम घरेलू विवाद के बाद वह गुस्से में घर से निकट गई। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर दादी ने रात करीब 7.30 बजे भंडारा थाने पहुंचकर पुलिस निरीक्षक उल्हास भुसान को जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए भुसारी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल तलाश शुरू की गई।
तकनीकी जानकारी के आधार पर बच्ची के अमरावती जिले में होने का पता चला। पुलिस निरीक्षक भुसारी के मार्गदर्शन में पुलिस कांस्टेबल रोशन माटे और महिला पुलिस कांस्टेबल सोनाली कुथे उसी रात निजी वाहन से अमरावती रवाना हुए। टीम ने रातभर संभावित स्थानों की जानकारी जुटाकर उसका सत्यापन किया। लगातार प्रयासों के बाद बच्ची पुलिस थाना तलेगांव, जिला अमरावती के अंतर्गत सिंदुर्जनाघाट में सुरक्षित मिली। 3 सितंबर की दोपहर पुलिस टीम बच्ची को लेकर भंडारा पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे दादी के सुपुर्द किया।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन, अपर पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे तथा सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजस सारडा के मार्गदर्शन में हुई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उल्हास भुसारी, पुलिस कांस्टेबल रोशन माटे और महिला पुलिस कांस्टेबल सोनाली कुथे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।