Bhandara Farmer Accident Relief Scheme (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

किसान दुर्घटना योजना: भंडारा जिले में 186 प्रस्ताव, 125 परिवारों को मिला सुरक्षा कवच

Maharashtra Farmer Accident Compensation: भंडारा जिले में किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना के तहत 186 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 125 परिवारों को सहायता मिल चुकी है।

आंचल लोखंडे

Bhandara Agriculture News: जोखिमों के बीच जीने वाले अन्नदाता के लिए किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना एक बड़ा सहारा है। जिले में इस योजना के बड़ा आंकड़ा सामने आया है। दिसंबर माह की समाप्ति तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 186 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रशासन ने 125 मामलों को हरी झंडी दे दी है, लेकिन निधि की कमी के चलते अभी भी 33 पीड़ित परिवारों की सहायता राशि अधर में है।

इन लंबित मामलों को सुलझाने के लिए जिले को शासन से 65 लाख रुपये के अतिरिक्त आवंटन की प्रतीक्षा है।

1 अप्रैल 2025 से शुरू हुए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त 186 आवेदनों का विश्लेषण किया गया है। इनमें से 183 मामले किसानों की असामयिक मृत्यु से संबंधित हैं, जबकि 3 मामले गंभीर विकलांगता के हैं। स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान 16 प्रस्तावों को तकनीकी आधार पर अपात्र मानकर खारिज कर दिया गया, वहीं 32 प्रस्तावों में दस्तावेजों की कमी दिखीं। फिलहाल 13 नए प्रस्ताव तहसील स्तर पर अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं। जिले की आवश्यकता 2.49 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसमें से दो चरणों में 1।84 करोड़ रुपये का वितरण हो चुका है।

125 परिवारों को सुरक्षा कवच

प्रथम चरण में 50 लाभार्थियों को 1 करोड़ और दूसरे चरण में 42 परिवारों को 84 लाख रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। 10 से 75 वर्ष की आयु वर्ग के वे सभी किसान इसके पात्र हैं, जिनका नाम 7/12 खतौनी में दर्ज है। यह योजना निम्नलिखित परिस्थितियों को कवर करती है। प्राकृतिक आपदाएं जैसे बिजली गिरना, भारी बाढ़ या चक्रवात, खेती के दौरान हादसे जैसे कृषि यंत्रों से चोट, तालाब में डूबना, सर्पदंश, बिच्छु का डंक या जानवरों का हमला और हादसा, नक्सली हमलों में हुई क्षति भी इसके हद में आती है।

मोहाडी-लाखनी को फंड का इंतजार

जिले की साकोली तहसील इस योजना के क्रियान्वयन में सबसे अग्रणी रही है, जहां 36 में से 25 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है। तुमसर तहसील ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 27 में से 24 मामलों को स्वीकृत कराया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में फह की कमी अब भी बाधा बनी हुई है। मोहाडी में 4 और लाखनी में 6 पात्र प्रस्ताव केवल इसलिए रुके हुए हैं।

क्योंकि विभाग के पास बजट खत्म हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि तहसील स्तर पर लंबित 32 प्रस्तावों के दस्तावेजों की कमियां जल्द ही संबंधित परिवारों की और से दूर कर ली जाती हैं और राज्य मुख्यालय से मांगे गए 65 लाख रुपये प्राप्त हो जाते हैं, तो जिले के उन सभी 33 परिवारों को राहत मिल सकेगी।

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